फाजिलनगर में संभावना कला के कलाकारों द्वारा बनाया जा रहा भित्ति चित्र।
फाजिलनगर। सांस्कृतिक भड़ैती, फुहड़पन के विरुद्ध जनसंस्कृति के संवर्धन के लिए क्षेत्र के जोगिया जनुबीपट्टी में 14 व 15 अप्रैल को आयोजित दो दिवसीय 17वां अंतरराष्ट्रीय लोकरंग समारोह की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। आयोजन को भव्यता प्रदान करने के लिए संभावना कला मंच के कलाकार शनिवार को भित्ति चित्रों से गांव को कला ग्राम में बदलने का कार्य शुरू कर दिए हैं। लोकरंग समारोह का शुभारंभ रविवार की रात आठ बजे से लोकरंग पत्रिका-2024 के लोकार्पण से होगा। इसके बाद गांव की महिलाएं अवधी सोहर प्रस्तुत करेंगी। परिवर्तन रंग मंडली जिरादेई सिवान की टीम लोकगीत की प्रस्तुति दी जाएगा। यही टीम रात में नाटक भाई विरोध का भी मंच करेंगी। इसके अलावे पंवरिया नृत्य, नटराज कल्चरल एसोसिएशन नालबारी असम और ताल म्यूजिकल डांस एकेडमी सिक्किम के कलाकार बोडो नृत्य, तमांग सेलो डांस की प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम के दूसरे दिन दिन में लोकसंस्कृति के समावेशी तत्व विषयक पर गोष्ठी का आयोजन होगा। इसमें देश के बड़े विद्वान, आलोचक रंगकर्मी शामिल होंगे। नीदरलैंड लोकगायक राजमोहन के साथ सोलह सदस्यीय टीम भी जोगिया पहुंच गई है। संभावना कला मंच के कलाकार गांव पहुंच कर सुधीर सिंह व डाॅ. राजीव गुप्ता के निर्देशन में गांव के बखारों, दिवालों पर भित्ति चित्र बनाकर गांव को कला ग्राम में परिवर्तित करने जुटे है। इस टीम में पंकज शर्मा, बृजेश कुमार, चंदन यादव, राजेश कुमार, आदित्य कुमार, ऋषि प्रजापति, शिवांगी शर्मा, रीति सिंह, प्रिया मौर्य आदि शामिल हैं।