पकवा इनार। राजकीय बौद्ध संग्रहालय के अज्ञेय सभागार में शनिवार को उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद का जनपदीय सम्मेलन, सम्मान समारोह व शैक्षिक संगोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि बीएसए डाॅ. राम जियावन मौर्य ने कहा कि शिक्षक समाज की दिशा तय करता है।
मुख्य अतिथि ने कहा कि शिक्षा हमें शक्तिशाली व समृद्ध बनाती है। शिक्षक जामवंत बनकर विद्यार्थियों को हनुमान बनाते हैं। शिक्षक के मार्गदर्शन के बदौलत मुकाम हासिल किया जा सकता है। गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा को बनाने की चुनौती है। इसे अपने दायित्वों के प्रति निष्ठावान व ईमानदार होने की जरूरत है। अध्यक्षता कर रहे प्रधानाचार्य परिषद के प्रांतीय संरक्षक श्रीनिवास शुक्ल ने कहा कि संगठन के लिए एकजुटता जरूरी है। संघर्ष से ही मुकाम से हासिल हो सकता है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुभाष प्रसाद त्रिपाठी, संग्रहालय अध्यक्ष अमित कुमार द्विवेदी ने भी संबोधित किया। इसके बाद प्रधानाचार्य परिषद के पदाधिकारियों ने शिक्षा नीति,पेंशन, उपस्थिति, परीक्षा और विसंगतियों पर विचार रखे। डाॅ. टीपी सिंह, डाॅ. वीरेंद्र त्रिपाठी, रमेश सिंह, डाॅ. दिनेश मणि त्रिपाठी ने विषय प्रवर्तन की जिम्मेदारी निभाई। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य परिषद के जिलाध्यक्ष डॉ. देवेंद्र मणि त्रिपाठी ने किया।
दौरान गोरखपुर प्रधानाचार्य परिषद के संरक्षक जफर अहमद खान, जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह, जिला महामंत्री डाॅ. गिरिजेश पांडेय, राम बहाल त्रिपाठी, डाॅ. मनोज राय, वाचस्पति शुक्ल, डाॅ. माधव सिंह, अभय द्विवेदी, विजय बहादुर सिंह, डाॅ. कृष्ण कुमार, डाॅ. शैलेंद्र दत्त शुक्ल, उमेश उपाध्याय, अश्वनी कुमार पांडेय, डाॅ. अजय कुमार पांडेय, सीबी सिंह, प्रमोद ओझा, गोविंद मिश्र आदि मौजूद रहे।