तमकुहीरोड। तमकुहीरोड का दो दिवसीय ऐतिहासिक डोल मेला शनिवार को संपन्न हो गया। भगवान महावीर की विभिन्न मुद्रा वाली आठ झांकिया निकाली गईं। बाहर से आए सांस्कृतिक कलाकारों ने शानदार कार्यक्रमों की प्रस्तुति से मंत्रमुग्ध कर दिया। दर्शक नाचते व गाते आए। खिलाड़ियों ने अपने हैरतअंगेज खेल कौशल से लोगों की खूब वाहवाही लूटी।
तमकुहीरोड में आजादी के पहले 1945 से हर साल भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष के पंचमी व षष्ठी तिथि को दो दिवसीय ऐतिहासिक महावीरी अखाड़ा डोल मेला का आयोजन होता चला आ रहा है। इस साल यह दो दिवसीय डोल मेला 23 अगस्त को रात में और 24 अगस्त को दिन में पड़ा था। शुक्रवार को रात में दस बजे से तो शनिवार को दिन में तीन बजे से श्रीबड़ा महावीरी अखाड़ा-एक पुरानी पुलिस चौकी स्थित रामजानकी मंदिर से, स्वर्णकार संघ महावीरी अखाड़ा-दो सब्जी मंडी स्थित हनुमान मंदिर से, छत्रपति शिवाजी महावीरी अखाड़ा-तीन किदवई नगर स्थित तिलकधारी साह के घोठा से, महाराणा प्रताप महावीरी अखाड़ा-चार गाँधी नगर से, वीर बंदा बैरागी महावीरी अखाड़ा-पांच राजेन्द्र नगर स्थित पुराना कुआं से, वीर भीमसेन महावीरी अखाड़ा-छह जवाहर नगर स्थित दुर्गा मंदिर से, श्री आजाद महावीरी अखाड़ा-सात स्वर्ण नगर स्थित व्रह्म स्थान से और वीर भगतसिंह महावीरी अखाड़ा-आठ आजाद नगर स्थित बेलवा माता मंदिर से एक साथ उठाया गया। सभी अखाड़े एक-दूसरे के पीछे चलते हुए पूरे कस्बे का भ्रमण किया।
मेले में नंदी पर बैठे भगवान शंकर, अहोरी नृत्य, हनुमान नृत्य के नर्तकियों का नृत्य व गीत विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। मेले में आरएसएस के साथ अन्य समाज के लोगों द्वारा पेयजल की व्यवस्था भी की गई थी। मेले को शांति व सकुशल सम्पन्न कराए जाने को लेकर चप्पे चप्पे पर पुलिस मौजूद रही। जबकि अखाड़े के आयोजक भी शांति व्यवस्था बनाने में मुश्तैद रहे। इस दौरान पूर्व चेयरमैन त्रिभुवन जायसवाल, पूर्व चेयरमैन श्यामसुंदर विश्वकर्मा, राजकुमार वर्मा, लव जायसवाल, अनूप सोनी, दिनेश वर्मा, कृष्णा जायसवाल, अनिरुद्ध शर्मा, मनोज शर्मा, लक्ष्मण सिंह, सोनू जायसवाल, गणेश सोनी, संतोष सिंह, जीतू जायसवाल, गुलशन वर्मा, अजय वर्मा आदि मौजूद रहे।
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चिंगारी दूर-दूर तक उड़ने पर आग का करतब दिखा रहे खिलाड़ी को रोका
तमकुहीरोड । शुक्रवार को रात में एक अखाड़ा के खिलाड़ी जब लोहे की जाली में कोयले की आग लेकर करतब दिखा रहा था और उसकी चिंगारी दूर-दूर तक उड़ रही थी। इसे सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस वालों ने रोक दिया तो कुछ लोगों से पुलिस की झड़प हो गई। बाद में पुलिस ने किसी तरह विवाद को शांत कराया।