- आजमगढ़ से तुर्कपट्टी तक होगी कलश यात्रा
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। पूर्वांचल महोत्सव एवं कुशीनगर महोत्सव के संयुक्त तत्वाधान में ऐतिहासिक गुप्तकालीन सूर्य मंदिर में स्थापित भगवान सूर्य की मूर्ति का प्राकट्य उत्सव का आयोजन 29 जुलाई से 31 जुलाई तक चलेगा। इसमें देश और विदेश की 109 नदियों के पवित्र जल से भरा कलश 30 जुलाई को तुर्कपट्टी स्थित सूर्य मंदिर पहुंचेगा।
सूर्य मूर्ति नीलम पत्थर की बनी है। यह मूर्ति खोदाई के दौरान 31 जुलाई 1981 को जमीन से निकली थी। भगवान सूर्य की इस मूर्ति के स्थापना दिवस पर सेंटर फॉर सोशल सर्विसेज एंड रूरल डेवलपमेंट, पूर्वांचल महोत्सव एवम् कुशीनगर महोत्सव के संस्थापक अध्यक्ष विनय राय की अगुवाई में सूर्य प्राकट्य उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
आयोजक विनय राय ने बताया कि 29 जुलाई को आजमगढ़ स्थित चंद्रमा ऋषि के तपोस्थली से इस कलश यात्रा का शुभारंभ होगा। यहां 29 जुलाई से चलने वाले अखंड रामायण पाठ के पूर्णाहुति के साथ ही 31 जुलाई को भगवान सूर्य की मूर्ति का जलाभिषेक होगा। हवन और भंडारे के साथी श्रद्धालुओं में प्रसाद के रूप के मिश्रित विभिन्न नदियों का जल प्रसाद स्वरूप दिया जाएगा।