बरसात नहीं होने और तापमान अधिक होने से आ रही है परेशानी
अधिक पानी खपत करने वाली गन्ना प्रजातियाें पर अधिक हो रहा असर
संवाद न्यूज एजेंसी
हाटा। सामान्य से अधिक गर्मी पड़ने की वजह से इस बार गन्ना की फसल प्रभावित हो रही है। गन्ना की पत्तियां ऊपर से सूख रही हैं। सिंचाई के वैकल्पिक साधनों का उपयोग करने से खेती की लागत बढ़ रही है। उसके बाद भी किसानों को उपज प्रभावित होने का डर सता रहा है। किसान पत्तियों के सूखने से खासे परेशान हैं।
अहिरौली क्षेत्र के लक्षीराय गांव निवासी जवाहिर विश्वकर्मा ने बताया कि काफी समय से गन्ना की खेती करते आ रहे हैं, लेकिन इस बार तापमान अधिक होने की वजह से गन्ने की पत्तियों का ऊपरी भाग सूख रहा है। ऐसा लग रहा है कि गन्ना सूख जाएगा। इससे किसानों को काफी नुकसान हो सकता है। इससे पहले गर्मी की वजह से इस तरह से कभी भी गन्ना की फसल सूखी नहीं थी।
हाटा क्षेत्र के किसान छेदी सिंह ने बताया कि गर्मी के कारण सूख रहे गन्ना को बचाने के लिए हम लोग वैकल्पिक साधनों के सिंचाई कर रहे हैं, लेकिन उससे एक तो खेती की लागत बढ़ रही है। दूसरे उस सिंचाई का फसल पर कोई खास असर होता नहीं दिख रहा है। इससे हम लोगों को डर सता रहा है कि कहीं हम लोगों की गन्ना की फसल बर्बाद न हो जाए। हालांकि, कुछ कृषि जानकारों का कहना है कि बरसात होने पर सब कुछ ठीक हो जाएगा।
बाबू गेंदा सिंह गन्ना अनुसंधान संस्थान सेवरही के प्रमुख कीट वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार मिश्रा ने बताया कि इस बार सामान्य से अधिक तापमान होने की वजह से गन्ने की पत्तियां सूख रही हैं। इससे किसानों को बहुत अधिक परेशान होने की जरूरत नहीं है। बरसात होने के बाद गन्ना की स्थिति में सुधार हो जाएगा। पैदावार में कोई नुकसान नहीं होगा। गन्ना प्रजाति को 238, को 98014 अधिक पानी खपत करने वाली फसल होने की वजह से तापमान से अधिक प्रभावित है।