अब तक 287 मछली पलकों ने किया नाव के लिए आवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। मछली पालन व्यवसाय में लगे मछुआरों में आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मत्स्य विभाग की तरफ से विशेष पहल की गई है। इनके लिए निषादराज बोट अनुदान योजना शुरू की गई है। इसके लिए पात्र आवेदकों को नाव ख़रीदने के लिए वित्तीय सहायता के रूप में 40 प्रतिशत की धनराशि अनुदान के रूप में दी जाएगी।
सरकार की तरफ से मछली पालन के व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए निषादराज बोट सब्सिडी योजना शुरू की गई है। इसके तहत पात्र आवेदकों को नाव खरीदने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। ऐसे मछली पालक, जिनके पास पट्टे अथवा निजी तालाब उपलब्ध हैं। वे नाव के लिए आवेदन करने के लिए पात्र होंगे। इसके लिए 0. 400 हेक्टेयर या इससे अधिक क्षेत्रफल के तालाब के मानक को पूरा करना होगा।
इस योजना के तहत वुडेन फिशिंग बोट अथवा फाइबर रेनफोर्स्ड प्लास्टिक बोट, जाल, लाइफ जैकेट एवं आइस बॉक्स आदि को खरीदने के लिए 67 हजार रुपये मिलेंगे। इसमें 26 हजार 800 रुपये अनुदान के रूप में मिलेंगे। इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी को फोटो, आधार कार्ड, बैंक की पासबुक, भूमि संबंधी अभिलेख आदि के साथ पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
कोट
मछली पालकों के विकास के लिए निषादराज बोट योजना शुरू की गई है। 31 अगस्त तक आवेदन लिए जाएंगे। अभी तक 287 मछली पालकों ने इसके लिए आवेदन किया है।
- अनंत कुमार यादव, सहायक निदेशक मत्स्य विभाग, कुशीनगर।