पडरौना। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में अधिवक्ताओं की बैठक हुई। लोक अदालत में अधिक से अधिक मामले लाकर उसका निस्तारण कराने की रणनीति बनाई गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव/अपर जिला जज शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने कहा कि मध्यस्थ अधिवक्ताओं से सुलह समझौते के आधार पर मुकदमों के निस्तारण व समझौते के आधार पर लोक अदालत में किया जाता है। न्यायालय से और अधिक संख्या में पत्रावली मध्यस्थता के लिए भेजें, ताकि अधिक से अधिक मामलों को निस्तारित किया जा सके। जिससे वादकारियों को ज्यादा दिनों तक न्यायालय का चक्कर न लगाना पड़े। उन्होंने बताया कि मध्यस्थता केंद्र से वादकारियों को अत्यधिक लाभ होता है। यहां पर अधिकारियों को अपना वकील नहीं रखना पड़ता है। वादकारी अपनी समस्या मध्यस्थ को बताते हैं। उसके आधार पर उन वादकारियों के समस्याओं को सुनकर मध्यस्थ बीच का रास्ता निकाला कर पत्रावलियों का निस्तारण करते हैं।