डोल पर पथराव, सात का शांतिभंग के अंदेशे में चालान
खड्डा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की डोल यात्रा पर पथराव व गंदा पानी फेंककर क्षेत्र की अमन शांति भंग करने की कोशिश के मामले में डोल समिति के सदस्यों की तरफ से तहरीर दी गई। तहरीर के जरिए वर्तमान प्रधान, पूर्व प्रधान पति सहित 13 नामजद व दो सौ अज्ञात व्यक्तियों पर कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस ने सात लोगों को शांति भंग में चालान कर अपना पल्ला झाड़ लिया है।
थाना क्षेत्र के ग्राम सभा बंजारीपट्टी के टोला मोतीपाकड़ में पूर्व की भांति इस वर्ष भी रामप्रसाद यादव के दरवाजे पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति स्थापित की गई थी। शनिवार की शाम को पारंपरिक तरीके से डोल यात्रा निकाली गई। देर शाम यात्रा गांव में स्थित एक धर्मस्थल के पास सड़क से गुजर रही थी। आरोप है कि इस दरम्यान छतों और आस-पास से ईंट-पत्थर के टुकड़े फेंके जाने लगे।
नाली में पत्थरों के गिरने से गंदा पानी प्रतिमा व डोल में चल रहे लोगों पर पड़ रहा था। इसके बाद दोनों तरफ से तनातनी होने लगी। सुरक्षा में बेहद कम पुलिस तैनात थी। लोगों ने संयम का परिचय दिया तो किसी तरह से लोग डोल लेकर वापस लौटे। देर रात्रि डोल समिति के सुभाष गुप्ता, ओमकार, राजू, धनंजय, अजय, मनोज, राजन आदि ने दूसरे वर्ग के 13 नामजद व दो सौ अज्ञात के विरुद्ध हमला व पथराव करने का आरोप लगाते हुए तहरीर सौंपा था। इनका कहना था कि हर वर्ष डोल में बाधा उत्पन्न की जाती है। पुलिस ने सुरक्षा का बंदोबस्त ठीक नहीं किया था। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश सिंह ने बताया कि इस मामले में सात लोगों का शांति भंग के अंदेशा में चालान किया गया है। सुरक्षा पर्याप्त थी।