पडरौना। नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए शासन ने इस बार खास तैयारी की है। मुख्य सचिव ने नकल रोकने के लिए एलआईयू की मदद लेने के निर्देश दिए हैं। अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर एसटीएफ तैनाती की जाएगी। सामूहिक नकल के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट व स्टेटिक मजिस्ट्रेट को भी जिम्मेदार माना जाएगा।
जिले में यूपी बोर्ड से संचालित 361 विद्यालयों में 22 राजकीय, 55 वित्तपोषित और 284 स्ववित्तपोषित हैं। वर्ष 2024 की बोर्ड परीक्षा के लिए 112760 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इनमें हाईस्कूल में 61496 और इंटर के 51264 परीक्षार्थी हैं। परीक्षाएं 22 फरवरी से नौ मार्च के बीच होंगी। जिले में 150 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने डीएम और कमिश्नर को अपनी कड़ी निगरानी में परीक्षा कराने के लिए पत्र भेजा है। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए मुख्य सचिव ने अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात करने को कहा है। केंद्र व्यवस्थापकों की संस्तुति पर निगरानी के लिए एलआईयू की मदद लेने की व्यवस्था भी जिला विद्यालय निरीक्षक करेंगे। वहीं, परीक्षा केंद्रों पर बाहर से नकल को रोकने की जिम्मेदारी सेक्टर मजिस्ट्रेट की होगी।
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परीक्षा के लिए निर्देश
- बिजली की व्यवस्था न होने पर अनिवार्य रूप से जेनरेटर चलाया जाएगा।
- सेक्टर मजिस्ट्रेट दोनों पाली में परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे।
- प्रत्येक सेक्टर में परीक्षा केंद्रों की संख्या 10 या 12 से अधिक नहीं होगी।
- सीसीटीवी कैमरों की नियमित रूप से जांच की जाएगी।
- कक्ष निरीक्षकों को पहचान पत्र के साथ ही आधार कार्ड रखना होगा।
- नकल रोकने के लिए पेपर बदलने से लेकर परीक्षा रद्द करने तक के कदम उठाए जाएंगे।
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नकल विहीन परीक्षा के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। हर जरूरी कदम भी उठाए जा रहे हैं। इस संबंध में मुख्य सचिव का आदेश भी मिला है। उसमें कई आवश्यक दिशा-निर्देश मिले हैं। उनके दिए गए निर्देशों के अनुसार बोर्ड परीक्षा संपन्न कराई जाएगी। -रविंद्र सिंह, डीआईओएस, कुशीनगर।