पडरौना। महात्मा बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में सोमवार को श्रीलंकाई पर्यटकों का दल बोधगया से वैशाली के रास्ते पहुंचा। दल के सदस्य ने व्याख्या केंद्र से प्रवेश कर मुख्य महापरनिर्वाण मंदिर पहुंचे और वहां पर बौद्ध भिक्षुओं की अगुआई में लेटी प्रतिमा के परिक्रमा कर चीवर चढ़ाए और विश्व शांति व कल्याण की कामना करते हुए विशेष पूजा-अर्चना किया। भंते अशोक ने बताया कि श्रीलंका के 35 सदस्यीय दल कुशीनगर में मुख्य महापरनिर्वाण मंदिर में पहुंचकर पांचवी शताब्दी लेटी बुद्ध की प्रतिमा के सम्मुख सामूहिक ध्यान किया। उनके ध्यान मुद्रा से मंदिर का पूरा वातावरण शांत हो गया। दल के सदस्य इसके अलावा भू-स्पर्श मुद्रा में मांथा कुंवर मंदिर में बुद्ध प्रतिमा व अंतिम संस्कार स्थल रामाभार स्तूप पहुंचे,जहां अपने रीति-रिवाज से परिक्रमा कर शीश नवाए। यहां से दल बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी के लिए रवाना हो गया।