मिट्टी की सेहत सुधारने को फिर होगी जांच, 28 गांव चयनित
- कोरोना संकटकाल के समय से बंद थी मिट्टी की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच फिर से होगी। साथ ही उन्हें मृदा कार्ड भी दिया जाएगा। पहले चरण में जिले के 28 गांवों का चयन किया गया है। प्रत्येक ब्लॉक से दो-दो गांव लिए गए हैं। यह जांच निशुल्क होगी।
कृषि विभाग की प्रयोगशाला में किसानों के खेतों की मिट्टी की निशुल्क जांच होती रही है, लेकिन वर्ष 2019 में कोरोना संकटकाल के दौरान शासन ने मिट्टी की जांच पर रोक लगा दिया था। ऐसे में लगभग तीन साल तक मिट्टी की जांच बंद रही।
खेतों की मिट्टी की जांच न हो पाने के कारण किसानों को उसमें मौजूद पोषक तत्वों के बारे में जानकारी नहीं मिल पा रही है। शासन ने फिर से मिट्टी की जांच करने की अनुमति दे दी है। जनपद के 14 ब्लॉकों में मिट्टी के 14,814 नमूने लेकर जांच करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए प्रत्येक ब्लॉक से दो-दो गांव चुने गए हैं।
इन गांवों में मिट्टी की होगी जांच
पडरौना ब्लॉक के पिपरासी और बढ़वलिया खुर्द, कसया के मुंडेरा व सोनबरसा, नेबुआ नौरंगिया के चखनी भोजछपरा एवं सागर गोसाईं, खड्डा के बसंतपुर व लखुआ, विशुनपुरा के सिसवा गोइती एवं जरार खास, रामकोला के पकड़ी बांगर व सनेरा मल्लछपरा, कप्तानगंज के भड़सर नरायन व धौरा, मोतीचक के सितुहिया एवं बेदूपार शामिल हैं। इसी तरह हाटा ब्लॉक के देवरिया व ढाढ़ा बुजुर्ग, सुकरौली के पिपरा हुमेल एवं पिपरा उर्फ तितिला, फाजिलनगर के अशोगवा व बड़हरा, सेवरही के मठिया बुजुर्ग एवं सुमही मोहन सिंह, तमकुही के रजवटिया व मेहदिया बुजुर्ग तथा दुदही ब्लॉक के लोहरपट्टी व शाहपुर उचकीपट्टी का चयन किया गया।
अत्यधिक उर्वरक का प्रयोग करने से खेतों की उर्वरता कम हो रही है। शासन के निर्देश पर जनपद के 14 ब्लॉकों से 28 गांवों का चयन किया गया है, जहां के मिट्टी की जांच कृषि विभाग की प्रयोगशाला में होगी। खेत की मिट्टी की जांच से यह पता चल जाता है कि उसमें कितनी मात्रा में पोषक तत्व हैं।
- आशीष कुमार, उप निदेशक, कृषि