तमकुहीरोड। कप्तानगंज-थावे मार्ग पर नियमित सिवान से गोरखपुर और गोरखपुर से सिवान तक चलने वाली डेमू ट्रेन बुधवार से निरस्त हो गई। इससे यात्रियों के लिए गोरखपुर की यात्रा अब और मुश्किल हो गई है। गोरखपुर जाने के लिए यात्रियों को परिवहन निगम की बसों पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि इस रूट की छह जोड़ी ट्रेनों मे एक-एक कर तीन ट्रेनों के निरस्त होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। अब छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस का भी 26 अप्रैल से रूट डायवर्जन कर दिया जाएगा। इसका खामियाजा यात्रियों को उठाना पड़ेगा। पूर्वोत्तर रेलवे की तरफ से यात्री सुविधाओं के उन्नयन सहित मूलभूत ढांचे में विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण को लेकर 12 अप्रैल से तीन मई के बीच गोरखपुर से गोरखपुर कैंट तक 3.5 किमी मे और कुसुम्ही-गोरखपुर कैंट-गोरखपुर के बीच 14 किमी में थर्ड लाइन के विस्तार के साथ नान इंटरलॉक कार्य के लिए मेगा ब्लाॅक लिया गया है। इसके चलते थावे-कप्तानगंज मार्ग पर गोरखपुर से पाटलिपुत्र और पाटलिपुत्र से गोरखपुर तक चलने वाली 15079/15080 गोरखपुर-पाटलीपुत्र ट्रेन को 14 अप्रैल से तीन मई तक के लिए तो इस रूट दूसरी ट्रेन गोरखपुर कैंट से सिवान तक और सिवान से गोरखपुर कैंट तक चलने वाली 55035/55036 पैसेंजर ट्रेन को भी 17 अप्रैल से छह मई तक के लिए निरस्त कर दी गई है। अब बुधवार को 23 अप्रैल से इस रुट पर सिवान से गोरखपुर व गोरखपुर से सिवान तक चलने वाली 75105/75106 डेमू पैसेंजर ट्रेन को भी छह मई तक के लिए निरस्त कर दिया गया है। इससे यात्रियों के लिए अब पटना व सिवान के बाद गोरखपुर की राह भी मुश्किल हो गई है। क्षेत्र के अशोक वर्मा, जयंत गुप्ता, मुकेश कुमार, राहुल सोनी, शंकर जायसवाल आदि ने कहा कि गोरखपुर एक कारोबारी केंद्र है, जहां नियमित यूपी बिहार के सीमावर्ती जिलों से सैकड़ों की संख्या में यात्री, कारोबारी और मरीज जाते है।