बहनों ने बांधी स्नेह की डोर, भाइयों ने दिया रक्षा का वचन
पडरौना। जिले भर में शुुक्रवार को रक्षाबंधन का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर स्नेह की डोर बांधी तो भाइयों ने उनकी रक्षा का वचन लिया। राखी बंधवाने के बाद भाइयों ने बहनों को उपहार भी दिया। शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में सजी राखी और मिठाइयों की दुकानों पर लोगों की भीड़ जुटी रही। दुकानों पर रक्षाबंधन के गीत बजते रहे।
रक्षाबंधन पर सभी को शुभ मुहूर्त का इंतजार था। बृहस्पतिवार को 9:35 बजे से रात 8:30 बजे तक भद्रा काल था। इस वजह से रक्षाबंधन शुक्रवार को मनाया गया। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, शुक्रवार की सुबह 5:30 बजे के बाद 7:17 बजे तक पूर्णिमा काल में राखी बांधने का उत्तम योग था। इसके बाद भी पूरे दिन रक्षाबंधन बांधना शुभ बताया गया। इस लिए शुक्रवार की सुबह से देर शाम तक रक्षाबंधन का त्योहार मनाया गया। सुबह तैयार होकर भाइयों ने बहनों से कलाई पर राखी बंधवाई। राखी बांधने से पहले बहनों ने भाइयों को तिलक लगाया। उनकी आरती उतारकर मुंह मीठा कराया। भाइयों ने बहनों की रक्षा का संकल्प लिया। शहर से लेकर देहात तक मिठाई की दुकानें सजी रहीं। बहनों ने मिठाई और राखी की दुकान पर जमकर खरीदारी की। कहीं भाई, बहनों के घर पहुंचे तो कहीं बहनें, भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं। पूरे दिन रक्षा का पर्व धूमधाम से मनाया गया।
तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार, सेवरही क्षेत्र में शुक्रवार को रक्षाबंधन का त्योहार परंपरागत आस्था व उल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध कर उनके लंबे जीवन की मंगलकामना की। सेवरही कस्बा से लेकर आसपास के गांवों में सुबह से ही राखी बांधने सिलसिला शुरू हो गया। क्षेत्र के राजपुर, दुबौली, टिकुलिया, पकड़ीयार पूरबपट्टी, अवदान टोला, सुमही संतपट्टी, ब्रह्मपुर, रानीगंज, मिश्रौली, पिरोजहा, परसा उर्फ सिरिसिया, पिपराघाट, जंगलीपट्टी, बेदुपार, विरवट कोंन्हवलिया, बाकखाश, बाघाचौर, नोनियापट्टी, अहिरौलीदान, तरयासुजान, जोगनी, जयपुर, मेहदीया, पिपरा मुस्तक़िल अगरवा, बनरहा, बभनौली, तिवारी पट्टी आदि गांव में शाम तक उल्लास बना रहा।