बनकटा बाजार। कोइलसवा बुजुर्ग गांव के लवंगिया डीह में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन सोमवार को भगवान श्री राम के वनवास की कथा सुनाई गई। कथावाचक ने कहा कि समाज में मर्यादा स्थापित करने और अहंकार का विनास करने के लिए श्रीराम का अवतार हुआ था।
कथा वाचक अंजनी द्विवेदी ने कहा कि श्रीराम ने न केवल राक्षसों का वध किया, बल्कि उन्होंने समाज के लोगों के रिश्तों को मजबूत करने की नई परिभाषा दी। उन्होंने अहिल्या की मुक्ति, देवऋषि नारद, हनुमान, लक्ष्मण के मिलाप की कथा विस्तार से सुनाई। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीमद्भागवत कथा का समापन हुआ।
इस दौरान रामायण दास, रमाकांत शर्मा, श्रीकांत शर्मा, कन्हैया कुशवाहा, अमरुद्दीन मंसूरी, पप्पू शर्मा, विनोद शर्मा, गोविंद कुशवाहा, दुर्गेश कुशवाहा, कैलाश प्रसाद, अजीत शर्मा आदि मौजूद रहे।