कसया। जिनकी वजह से वृद्ध महिलाएं वृद्धाश्रम में पहुंच गई हैं, वही माताएं अपनी संतानों की दीर्घायु, रक्षा व उनके सुखी जीवन के लिए जीवित्पुत्रिका व्रत रखेंगी। इसकी तैयारी वृद्धाश्रम के प्रबंधक की ओर से पूरी कर ली गई है। ये महिलाएं बुधवार को निर्जला व्रत प्रारंभ करेंगी और संतानों की सलामती के लिए व्रत रखेंगी। वृद्धाश्रम की प्रबंधक रज्जू राजा ने बताया कि इस बार वृद्धाश्रम में सात महिलाएं जीवित्पुत्रिका व्रत रहेंगी। इनके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। वृद्ध माताएं निर्जला व्रत रहकर अपनी संतान के सुखी जीवन व उनकी सलामती के लिए पूजा करती हैं।