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Kushinagar News: उद्योग के लिए जमीन तलाशने में गुजर गए सात माह, बिजली निगम भी नहीं ले रहा रुचि

Sat, 23 Sep 2023 01:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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- 252 में 51 उद्योग ही धरातल पर उतारने को उद्यमी तैयार, बाकी के लिए चल प्रयास
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- सितंबर में ही प्रस्तावित है ग्राउंड ब्रेकिंग सेरमनी, विभाग को तिथि का इंतजार

संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए इस साल के शुरुआत में हुए ग्लोबल समिट को बीते सात माह हो चुके हैं। उसमें 252 उद्यमियों ने उद्योग लगाने के लिए अपना प्रस्ताव दिया था, लेकिन अब तक इसमें अपेक्षित तेजी नहीं आई है। इसमें जिले में जमीन और बिजली की कमी आड़े आ रही है। इसके अलावा कई उद्यमियों ने बैंक से ऋण नहीं मिलने की बात कही। हालांकि, करीब सात माह बीत जाने के बाद भी सिर्फ 51 उद्यमी ही उद्योग लगाने के लिए तैयार दिख रहे हैं। इनमें छह उद्योग धंधे चालू हो गए हैं, जबकि 13 ऐसे हैं, जिनकी उद्योग लगाने की तैयारी अंतिम चरण में है। अन्य की समस्याओं को सुलझाकर उनका उद्योग स्थापित कराने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद से प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इस वर्ष 10 से 12 फरवरी को सरकार ने प्रदेश मुख्यालय से लेकर जिला मुख्यालय स्तर पर ग्लोबल समिट का आयोजन किया था। कुशीनगर में हुए इस आयोजन में जिले के 252 उद्यमियों ने निवेश करने के लिए इच्छा जताई थी। काफी समय तक इसमें अपेक्षित प्रगति नहीं होने की वजह से सरकार ने उद्योग विभाग में अलग से उद्योग मित्र का पद सृजित कर दिया। इनका कार्य ग्लोबल समिट के तहत उद्योग के लिए आवेदन करने वाले उद्यमियों से निरंतर संपर्क कर उनकी समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर कराना है, ताकि उद्योग लगाने में आने वाली सभी दिक्कतों को दूर किया जा सके।
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कुशीनगर उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के उद्यम मित्र राजीव शर्मा ने बताया कि यूपी समिट के तहत इस वर्ष जिले के कुल 252 उद्यमियों ने जिले में विभिन्न तरह के उद्योग लगाने का आवेदन किया था। इसमें से 162 उद्यमियों से संपर्क कर उनकी समस्या जानी गई है। इसमें से 14 उद्यमियों ने हाथ खड़े कर दिए हैं, जबकि 97 उद्यमी समय मांग रहे हैं। शेष 88 उद्यमियों से अभी तक संपर्क नहीं हो सका है। उनसे संपर्क करने कर उनकी समस्या जानने का प्रयास किया जा रहा है। इस तरह कुल 51 लोगों ने उद्योग स्थापित करने के प्रति गंभीर हैं। इसमें 23 उद्यमियों ने भूमि की जरूरत बताई है, जबकि नौ उद्यमियों ने बिजली की समस्या बताई है। इनका कहना है कि यदि कि उन्होंने सभी तैयारी पूरी कर ली है, यदि बिजली की उपलब्धता हो जाए तो उनका उद्योग शुरू हो जाएगा। इसके अलावा दस उद्यमियों ने लोन दिलाने की मांग की है। नौ उद्योगपति ऐसे हैं जो जिनका कारखाना स्थापित करने में उनके स्तर से छोटी-मोटी तकनीकी दिक्कत है, जिसे वे स्वयं दूर करने के प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा छह उद्योग शुरू हो चुके हैं, जबकि 13 उद्योग आने वाले कुछ माह में शुरू हो जाएंगे। शेष उद्योगों में उन्होंने बताया कि यदि 51 उद्योग जिले में चालू हो जाते हैं, तो जनपद में 628 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इन कारखानों में जिले के 5880 लोगों को रोजगार मिलेगा।

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जीबीसी के पहले अधिक से अधिक उद्योग चालू कराने का चल रहा है प्रयास
यूपी ग्लोबल समिट में उद्योग लगाने के लिए इच्छुक उद्यमियों की समस्या निस्तारित कर, उनके उद्योग को धरातल पर उतारने के लिए सरकार सितंबर में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरमनी (जीबीसी) कराने की योजना बनाई है। हालांकि सरकार की तरफ से अभी तक इसकी तिथि निर्धारित नहीं की गई है। लेकिन अधिकारियों की तरफ से इसकी तिथि निर्धारित होने से पहले अधिक से अधिक उद्योग धंधों को स्थापित करने के लिए तैयारी तेज कर दी है। मंडलायुक्त व डीएम समेत अन्य विभागीय अधिकारी उद्योग लगाने में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए 15-15 दिन पर समीक्षा बैठक कर रहे हैं।

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इन उद्यमियों ने की है जमीन और बिजली की मांग

तेज प्रताप विश्वकर्मा, विवेक कुमार देवेदी, कुमारी गीता, राजेश छपारिया, भूपेंद्र कुमार सिंह, जय प्रकाश गुप्ता, इंद्रदेव सिंह, राजकुमार, राजदेव प्रसाद जायसवाल, प्रदीप मद्धेशिया, नंदलाल कुशवाहा समेत कुल 23 उद्योगपतियों ने भूमि उपलब्ध कराने के लिए विभाग से अनुरोध किया है। जबकि राजदेव जायसवाल की दो कारखाना, बैरिस्टर प्रसाद जायसवाल, शिवांग सिंह, लव नथानी, मधु देवी नथानी, विशाल गुप्ता, रिंकी, विशाल गुप्ता को बिजली की जरूरत है।

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सभी उद्याेपतियों से संपर्क कर उनकी समस्या का निस्तारण करने के लिए संबंधित विभागों से संपर्क किया जा रहा है। 15-15 दिन पर समीक्षा बैठक कर उनकी समस्याओं के निस्तारण की प्रगति जानी जा रही है। प्रयास किया जा रहा है कि किसी भी उद्यमी को उनके उद्योग स्थापना में कोई परेशानी न हो। -अभय कुमार सुमन, उपायुक्त, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, कुशीनगर।

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जिन उद्यमियों की तरफ से बिजली की मांग की गई है, उन्हें शीघ्रता के साथ बिजली मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ तकनीकी दिक्कतें हैं। उसे दूर किया जा रहा है। -राकेश मोहन, अधीक्षण अभियंता (विद्युत) कुशीनगर।

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उद्यमी बोले
ग्लोबल समिट में विद्यालय स्थापित करने के लिए आवेदन किया था। इसके लिए दो एकड़ भूमि की जरूरत है। विभाग से मांग की गई, लेकिन अब तक केवल पत्राचार ही हो रहा है। -अरविंद गुप्ता, उद्यमी।

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आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए हाइवे के किनारे पांच एकड़ भूमि की जरूरत है। इसके लिए ग्लोबल समिट के तहत आवेदन किया था। लेकिन विभाग की तरफ से बीते आठ माह से केवल पत्राचार हो रहा है। लेकिन अब तक कोई सकारात्मक परिणाम नहीं मिला। -रामेश्वर कुशवाहा, उद्यमी।

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राइस मिल की स्थापना हो गई है। इसके सभी मशीन लग गए हैं। मेन लाइन से मिल तक बिजली आपूर्ति के लिए तार, पोल और ट्रांसफाॅर्मर मंगा दी गई है। केवल इन तार और पोल को खड़ा कर मेन लाइन से जोड़ देना है। इसके लिए बीते आठ माह से उद्योग विभाग से लेकर बिजली निगम के अधिकारियों से पत्राचार ही हो रहा है। यदि यह कार्य हो जाए तो मिल चालू हो सकता है। - बैरिस्टर जायसवाल, उद्यमी।
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उद्योग स्थापित करने के लिए सभी बुनियादी कार्य हो चुके हैं। कारखाने को 190 किलोवाट की बिजली की जरूरत है। इसके लिए कई बार विभाग को अवगत कराया, लेकिन अभी तक कोई परिणाम नहीं निकला। इससे कारखाना स्थापित करने का कार्य अधूरा पड़ा है। - लव नथानी, उद्यमी।
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