फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kushinagar News: कसया के एसडीएम ने लिए प्रार्थना सभा से जुड़े लोगों के बयान

Wed, 30 Aug 2023 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
विज्ञापन
कुड़वा दिलीपनगर के धन्नी पट्टी गांव में धर्मांतरण की सूचना पर लोगों से बयान लेते कसया एसडीएम योग
विज्ञापन
फोटो है।
विज्ञापन

कुड़वा उर्फ दिलीपनगर गांव के धन्नीपट्टी टोला में जर्मन नागरिक सहित सात को पुलिस ने लिया था हिरासत में

संवाद न्यूज एजेंसी

कसया। डीएम के निर्देश पर कसया थाना क्षेत्र के कुड़वा दिलीपनगर गांव के धन्नीपट्टी टोला में मंगलवार को कसया के एसडीएम पहुंचे। आरएसएस के जिला संघचालक डॉ. सीएस सिंह ने वहां धर्म परिवर्तन कराने की डीएम से शिकायत की थी। एसडीएम के साथ नायब तहसीलदार भी गांव में पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों एवं इससे जुड़े लोगों से करीब चार घंटे पूछताछ की और उनके बयान लिए।

सोमवार को कसया पुलिस ने जर्मन नागरिक सहित सात लोगों को हिरासत में लिया था। बीती रात ही सभी आरोपियों को जमानत पर छोड़ दिया गया। मामला तब और गंभीर हो गया, जब आरएसएस के जिला संघ चालक डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने इस मामले को प्रदेश नेतृत्व के संज्ञान में डाल दिया।
विज्ञापन

मंगलवार को सुबह कसया के एसडीएम योगेश्वर सिंह और नायब तहसीलदार शैलेश सिंह ने गांव में पहुंचकर ग्रामीणों से लगायत प्रार्थना सभा में उपस्थित लोगों से पूछताछ की और उनके लिखित बयान दर्ज किए।
धन्नीपट्टी निवासी उमापति पांडेय से नायब तहसीलदार ने विधिवत पूछताछ की। उनका लिखित बयान लिए और हस्ताक्षर कराए। उमापति पांडेय ने ग्रामीणों के सामने नायब तहसीलदार को बताया कि जर्मनी, केरल और बंगलूरू से आए लोग हैड्रोफोनिक विधि से हरा चारा उगाने के बारे में पशुपालकों को बता रहे थे। मीटिंग का आयोजन उमापति ने ही किया था।
सोमवार को उनकी फैक्ट्री पर सबसे पहले बैठक हुई। इसके बाद धन्नीपट्टी के उत्तर हरिजन बस्ती के पास नहर के किनारे बगीचे में राजेश्वर सिंह के बुलाने पर बैठक हुई। इस बैठक में हैड्रोफोनिक विधि से चारा उगाने और पशुओं की देखभाल करने के बारे में विस्तार से बताया गया। इसी बीच गांव के ही संजय सिंह कौशिक वहां पहुंच गए और प्रजेंटेशन दे रहे अतुल चौबे से बहस करने लगे। विवाद में ग्रामीणों ने धर्मांतरण करने का आरोप लगाया। विवाद की सूचना पर पहुंची कसया थाने की पुलिस ने सात लोगों को हिरासत में लेकर चालान कर दिया।

प्रार्थना सभा में उपस्थित उमापति पांडेय पुत्र सूर्यनाथ पांडेय, प्रियंका पत्नी कैलाश, सीमा पत्नी अमितेश, व्यास पुत्र मिठाई प्रसाद से लिखित बयान दर्ज किए गए। प्रार्थना सभा में उपस्थित सभी लोगों ने अपने बयान में कहा कि हम लोगों को उमापति पांडेय और राजेश्वर सिंह मीटिंग के लिए बुलाए थे। मीटिंग में पशुशेड, हैड्रोफोनिक विधि से चारा उगाने के बारे में विस्तार से बताया गया। हैड्रोफोनिक विधि में ट्रे में चारा उगाकर पशुओं को खिलाया जाता है। उमापति पांडेय ने ही अपनी पत्नी पुष्पा पांडेय के नाम से पशुआहार बनाने की मिल बना रखी है। उसका उद्घाटन फादर ने महीनों पूर्व किया था। उसमें उमापति पांडेय ने बड़ा सा भोज कार्यक्रम भी रखा था। उस कार्यक्रम में काफी संख्या में ग्रामीणों को भोजन कराया गया था।
मिल का नाम खुशहाली मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी केएमपीसीएल रखा गया है, जो एक संस्था से जुड़ा हुआ है। उसे पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति गोरखपुर संचालित करती है। पूर्वांचल में कुल 54 से 55 समूह हैं, जो 19 जिलों में काम करते हैं।पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति की ओर से पैसा और पशु आहार बनाने की मशीन दी जाती है। उसकी कीमत 5 लाख 75 हजार रुपये है, जो पूरी तरह से दान स्वरूप दी जाती है। मिल से जुड़े सदस्यों को डिस्काउंट पर पशु आहार दिया जाता है। कसया और आसपास की सभी इकाइयों को मदनपुर स्थित धर्मोदय विद्या विहार से नियंत्रित किया जाता है।

बयान में प्रियंका पत्नी कैलाश ने बताया कि 30 मार्च को जो प्रार्थना सभा हुई थी, उसमें धर्मांतरण के बारे में बताया गया था। जब गांव के लोगों ने हमको समझाया तो हमने ऐसी बैठक में जाना छोड़ दिया।

इस संबंध में शिकायतकर्ता डॉ. सीएस सिंह ने कहा कि धर्मांतरण का काम हो रहा है। यदि समय रहते इसे नहीं रोका गया तो आम जनमानस एक न एक दिन अवश्य प्रभावित होगा। अभी जर्मनी के लोग आकर गांवों में ऐसा काम कर रहे हैं।





लोगों को इसी तरह लालच देकर फंसाते हैं अपने चंगुल में

ग्रामीणों ने बताया कि धर्मांतरण के लिए पहले इसी तरह से लोगों को अनुदान देकर प्रभावित करते हैं। अपने पूरे जाल में जकड़ने के बाद से अपने धर्म के प्रति लोगों को जोड़ते हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं है। पूरी तरह से जब लोग उनके झांसे में आ जाते हैं, तब जाकर उनको अपने धर्म के प्रति विश्वास में लेकर इस तरह के कार्य किए जाते हैं।
विज्ञापन




30 मार्च को इसी गांव में हुआ था धर्मांतरण का विवाद

कसया थाना क्षेत्र के कुड़वा उर्फ दिलीपनगर गांव के धन्नीपट्टी टोला के बगल में एक बागीचे में बाइबिल रखकर कुछ लोगों को धर्मांतरण कराने की सूचना पर कसया पुलिस मौके पर गई। वहां कुछ लोगों को पकड़कर लाई थी, जिन्हें शांतिभंग के अंदेशा में चालान कर दिया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें