- गाजियाबाद में एक प्रापर्टी की रजिस्ट्री में लगे ई-स्टांप फर्जी मिलने के बाद
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। गाजियाबाद में एक प्रापर्टी की रजिस्ट्री में लगे ई-स्टांप फर्जी मिलने के बाद जिले में सक्रियता बढ़ा दी गई है। बैनामें के लिए आने वाले सभी ई-स्टांपों की जांच कराई जा रही है। इसकी जांच के लिए ई-स्टांपिंग ऐप से की जा रही है।
केवल दस रुपये के ई-स्टांप को बेहद सफाई के साथ छेड़छाड़ कर एक लाख दस हजार बना दिए जाने के संदेह में जिले के तहसीलो में हो रहे सभी बैनामों में लगे प्रत्येक संपत्तियों की जांच शुरू कर दी गई है। निबंधन कार्यालय के अनुसार पडरौना के अलावा जिले के खड्डा, कप्तानगंज, हाटा, कसया और तमकुहीराज में होने वाले बैनामें में अधिकतम दो लाख के ई-स्टांप का प्रयोग होता है। विभाग को शक है कि फर्जीवाड़ा करने वालों का नेटवर्क पूरे प्रदेश में है। इसलिए यहां भी ऐसे मामले निकल कर सामने आ सकते हैं। ऐसे में सभी तहसीलों में होने वाले संपत्तियों के बैनामे के ई-स्टांप की जांच विभाग तकनीकी रूप से कर रहा है।
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फर्जीवाड़े से बचने को यह बरतें सावधानी
- पंजीकृत वेंडर से ही स्टांप खरीदें
- जितनी धनराशि का स्टांप खरीद रहे हैं उसका मिलान कर लें
- क्रेता और विक्रेता दोनों के नाम मिलान कर लें
- बार कोड रीडर से जांच करा लें
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गाजियाबाद में एक प्रापर्टी की रजिस्ट्री में लगे ई-स्टांप फर्जी मिलने के बाद जिले में भी सक्रियता बढ़ा दी गई है। पडरौना तहसील में प्रतिदिनि 15 से 20 बैनामें होते हैं। इनमें प्रयुक्त होने वाले प्रत्येक ई-स्टांप की जांच ई-स्टांपिंग ऐप से किया जा रहा है। अभी तक जिले में कोई भी ई-स्टांप फर्जी नहीं मिला है।
- अजय कुमार सिंह, सब रजिस्टार, पडरौना