बीईओ तमकुहीराज की जांच के बाद बिना मान्यता संचालित निजी विद्यालय से घर जाते बच्चे।
तमकुहीराज। बिना मान्यता स्कूल चलाने वाले संचालकों पर बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर शिकंजा कसने लगे हैं। शनिवार को बीईओ की जांच में बिना मान्यता और कक्षा पांच तक की मान्यता लेकर हाईस्कूल तक की कक्षाएं संचालित मिलीं। स्कूलों को बंद कराने के बाद बीईओ ने विद्यार्थियों को पास के स्कूल में नामांकन कराने का निर्देश दिया। इस कार्रवाई से अवैध तरीके से संचालित होने वाले स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया।
बीईओ तमकुहीराज सुधीर कुमार से किसी ने तुर्कपट्टी क्षेत्र के आनंद पब्लिक स्कूल की बिना मान्यता का संचालित होने की शिकायत की थी। बीईओ जांच के लिए स्कूल पर पहुंचे। जांच में स्कूल बिना मान्यता के चलता पाया गया। संचालक कोई कागजात नहीं दिखा सके। इसके अलावा तुर्कपट्टी में ही संचालित ज्ञान ज्योति शिक्षण संस्थान की जांच में पाया गया कि स्कूल की मान्यता कक्षा पांच तक है और हाईस्कूल तक पढ़ाई हो रही है। कक्षा छह से से दस तक कक्षा संचालन बंद कराते हुए नजदीकी स्कूलों में इन छात्रों का नामांकन कराने का निर्देश दिया।
एमआईपी बसडिला पांडेय स्कूल की मान्यता कक्षा पांच तक है। लेकिन, कक्षा आठ तक कक्षाएं चल रही थीं। संचालक को नोटिस जारी कर कक्षा पांच तक ही कक्षाएं संचालित करने का निर्देश दिया। कक्षा पांच तक की मान्यता मदरसा की है। तमकुहीराज कस्बे के तरया मोड़ पर मदर टेरेसा पब्लिक स्कूल की जांच में मान्यता जुड़े अभिलेख नहीं दिखाने पर विद्यालय को बंद करा दिया गया। अल्पसंख्यक विभाग की ओर से इस विद्यालय का यू डायस भी निरस्त किया जा चुका है। इस विद्यालय में अंग्रेजी माध्यम की महंगी पुस्तकें बच्चों को पढाई जा रही थीं। बीईओ ने यहां के बच्चों का नामांकन नजदीकी विद्यालय में कराने के निर्देश दिया।
क्षेत्र में बगैर मान्यता के संचालित हो रहे निजी विद्यालयों की जांच से अमान्य विद्यालयों के संचालकों में हड़कंप है। बीईओ तमकुहीराज सुधीर कुमार ने बताया कि बिना मान्यता के संचालित हो रहे विद्यालयों की जांच कर बंद कराया गया है। कई स्कूलों की मान्यता कक्षा पांच तक थी और संचालन आठ और हाईस्कूल तक किया जा रहा था।