जिले के तहसील सभागारों में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में दर्ज कुल 196 शिकायतों में से महज 35 का हुआ निस्तारण
डीएम और एसपी ने कसया तहसील सभागार में सुनीं लोगों की शिकायतें
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिले के सभी तहसील सभागारों में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ। इसमें कुल 196 शिकायतें दर्ज हुईं, जिसमें से अधिकारी महज 35 मामले ही मौके पर निस्तारण कर सके।
कसया तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम और एसपी ने लोगों की फरीयाद सुनीं। वहां कुल 32 लोगों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं, जिसमें से पांच मामलों का मौके पर निस्तारित कर शेष मामलों के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को भेज दिया गया।
पडरौना तहसील सभागार में एसडीएम महात्मा सिंह और सीओ उमेश चंद भट्टी की मौजूदगी में लोगों की फरियादें सुनी गईं। तहसील क्षेत्र के मोजहिदा खास निवासी रजा अहमद ने कहा कि साहब गांव के खाद गड्ढा पर गांव के कुछ लोगों का कब्जा है। इसके चलते लोग पशुओं के गोबर सड़क के किनारे रखते हैं, जिससे गांव की सड़कें संकरी हो गई हैं। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। इस पर एसडीएम ने राजस्व निरीक्षक को मौके पर जाकर मामले का निस्तारण करने के निर्देश दिए।
क्षेत्र के जंगल धर्मपुर निवासी जनार्दन शर्मा ने कहा कि पैतृक भूमि की पैमाइश के लिए धारा 41 और 24 के तहत वाद दाखिल किया गया है। इसकी जानकारी होने पर विपक्षी मारने-पीटने की धमकी दे रहे हैं। इस पर एसडीएम ने कोतवाल को मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की।
इसी तरह अकबरपुर निवासी लकमुद्दीन अंसारी ने हर घर योजना के तहत गांव के लोगों के घर तक पानी आपूर्ति नहीं होने की शिकायत की। इस पर एसडीएम ने एक्सईएन जलनिगम को जांच कर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी तरह सदर तहसील सभागार में राजस्व के 15, पुलिस के चार, विकास के दो और अन्य विभागों से जुड़े एक समेत कुल 22 मामले दर्ज हुए, जिसमें से केवल पांच मामले का ही मौके पर निस्तारण किया जा सका। इस दौरान नायब तहसीलदार कुंदन वर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कसया प्रतिनिधि के अनुसार तहसील सभागार में डीएम रमेश रंजन व एसपी धवल जायसवाल की मौजूदगी में राजस्व विभाग के 32, पुलिस के आठ, विकास विभाग के नौ और अन्य विभागों के सात समेत कुल 56 मामले दर्ज हुए। इसमें से राजस्व के केवल पांच मामले निस्तारित हो सके।
समाधान दिवस में फरियाद लेकर पहुंचे नगर के रामजानकी वार्ड निवासी उमेश लाठी के सहारे रास्ते के विवाद की शिकायत करने तहसील पहुंचे। डीएम उन्हें देखते ही पहले कुर्सी पर बैठाया, इसके बाद उनकी फरियाद सुनकर शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिया। मठिया विशम्भरपुर निवासी बुजुर्ग विजयी चौहान ने डीएम से कहा कि पड़ोसी उनके घर से निकला गंदा पानी निकलने नहीं दे रहे हैं। इस पर डीएम ने कहा कि जाइए शीघ्र ही आपकी शिकायत का निस्तारण करा दिया जाएगा।
इस दौरान एसडीएम योगेश्वर सिंह, तहसीलदार नरेंद्र राम, नायब तहसीलदार शैलेश सिंह, एकता त्रिपाठी, अरविंद मणि त्रिपाठी, शिवमुरारी लाल, ब्रजेश मणि, नीलेश रंजन राव आदि मौजूद रहे।
कप्तानगंज तहसील सभागार में एसडीएम व्यास नारायण उमराव की मौजूदगी में लोगों की शिकायतें सुनीं गईं। इसमें राजस्व के दस, पुलिस के पांच और अन्य के छह मामले दर्ज हुए, जिसमें से राजस्व के पांच मामले मौके पर निस्तारित कर दिया गया। संपूर्ण समाधान दिवस में मोरवन टोला बाबू छपरा निवासी आशा देवी ने कहा कि सहन की जमीन पर गांव के एक व्यक्ति ने कब्जा कर लिया है। तहसील दिवस में दूसरी बार आई हूं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इस दौरान नायब तहसीलदार अंजू यादव, बीडीओ प्रवीण कुमार शुक्ला, सप्लाई स्पेक्टर बीएन सिंह, ईओ योगेश प्रताप मिश्र, मारकंडेय गुप्ता, राहुल दीक्षित, उमेश शाही, विचित्र मणि त्रिपाठी, संतोष कुमार आदि मौजूद रहे।
तमकुहीराज प्रतिनिधि के अनुसार शनिवार को तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचीं रसोइया लक्षिया देवरिया निवासी बसंती देवी ने एसडीएम विकास चंद से कहा कि साहब.. मास्टर साहब खुद समय से नहीं आते हैं। मुझ पर स्कूल में छात्र संख्या बढ़ाने का दबाव बनाते हैं। ऐसा नहीं करने की वजह से उन्हें रसोइया की नौकरी से निकाल दिए हैं। इस पर एसडीएम ने तमकुहीराज बीईओ अंकिता सिंह को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
समाधान दिवस में राजस्व के 18, पुलिस के सात, विकास के चार और अन्य विभाग के आठ मामले पंजीकृत हुए, जिनमें से राजस्व से जुड़े केवल चार मामले मौके पर निस्तारण हो सके।
खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार तहसील सभागार में शनिवार को एसडीएम आशुतोष की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुए। इसमें एसडीएम के अलावा सीओ संदीप वर्मा, नायब तहसीलदार रवि यादव ने लोगों की फरियाद सुनीं। इस दौरान कुल 29 शिकायत दर्ज हुईं, जिसमें से पांच शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। अन्य मामलों के निस्तारण के लिए संबंधित विभाग को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश के साथ विभागाध्यक्ष को भेज दिया गया।
फरियादियों की परिचर्चा
साहब...बेदखली का आदेश हुए एक वर्ष बीत गया, लेकिन अब तक गांव के चकरोड से अतिक्रमण नहीं हटा। इससे गांव के लोगों को आवागमन में दिक्कतें होती हैं।
- वीरेंद्र यादव, निवासी मिसिर पट्टी
नायब तहसीलदार से कहा कि साहब, पिता के मरे एक वर्ष हो गया, अब तक वरासत नहीं हो सकी है। इसके लिए लेखपाल से लेकर तहसील तक कई बार दौड़ चुका हूं। वरासत नहीं होने से भाइयों की संपत्ति में बंटवारा करने में परेशानी हो रही है।
- श्याम बदन, निवासी चकचिंता मणि
17 वर्षीय दिव्यांग निशु को लेकर संपूर्ण समाधान दिवस में फरियाद लेकर आई हूं। बेटी को दिव्यांग प्रमाणपत्र नहीं होने के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है। बेटी की बात है, कागजात ही इसके जीवन के आधार हैं।
- मालती देवी, निवासी चखनी
खेती योग्य पट्टे की जमीन मिली थी। लेकिन उसपर अब तक कब्जा नहीं मिल सका है। साहब, भीख मांग कर गुजारा करता हूं। जमीन मिल जाती तो खेती-बारी करके गुजारा करता।
- इब्राहिम, निवासी पिपरा कनक