गुरवलिया बाजार। क्षेत्र के ग्राम विजयपुर उत्तर टोला में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन कथा वाचक ने रुक्मिणी विवाह की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि उनका विवाह ब्रह्म और जीव के मिलन का संयोग है।
कथा वाचक आचार्य पंडित विनय राघव दास ने कहा की भगवान श्रीकृष्ण की लीला अद्भुत और अनंत है। उन्होंने कहा कि शंखचूड़ उद्धार, निरंतर गोपियों का चिंतन प्रसंग, अरिषटकासुर का अंत, अक्रूर का वृंदावन आगमन, श्रीकृष्ण बलराम का मथुरा प्रस्थान, कंस का उद्धार, उद्धव गोपी संवाद से ज्ञान मार्ग पर प्रेम मार्ग का भारी होना, काल यवन का अंत आदि प्रसंगों को सुनाया। उन्होंने कहा की रूक्मिणी साक्षात लक्ष्मी हैं। जबरन लक्ष्मी पर अधिकार करना मूर्खतापूर्ण है।
इस दौरान ज्ञान प्रकाश पांडेय, डॉ. देवेश पांडेय, मनोज मिश्र, ममता देवी, विपिन मिश्र, पुरुषोत्तम, श्याम मिश्र, खजांची, बलिष्टर, अंजु, रीता यादव कुनाल, कृति, कार्तिक आदित्य, विष्णु, प्रिंस आदि मौजूद रहे।