जल निगम के ठेकेदार और मजदूरों का घेराव कर नाराजगी जताते लोग।
मंसाछापर। विशुनपुरा ब्लॉक के दुबौली गांव में पिच सड़क निर्माण होने के दस दिन बाद ही पाइप बिछाने के लिए गड्ढा खोद दिया गया है। इससे नाराज गांव वालों ने शनिवार को ठेकेदार और मजदूरों को घेरकर विरोध जताया। ग्राम प्रधान की सूचना पर पीडब्लूडी के जेई गांव में पहुंचे। जेई से लोगों ने आरोप लगाया कि बिना एनओसी सड़क तोड़ दी गई है।
शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल हर घर जल योजना को उनके जिम्मेदार ही पलीता लगा रहे हैं। कुछ महीने पहले जिले के जल निगम के एक्सईएन और अवर अभियंता को शासन ने निलंबित किया था। कार्रवाई के बाद भी सड़क के किनारे पाइपलाइन बिछाने के लिए गड्ढे खोदकर नई सड़कों को तोड़वा दिया जा रहा है। विशुनपुरा ब्लॉक के दुबौली गांव में जल निगम का पाइप बिछाने के लिए नई सड़क को क्षतिग्रस्त कर दी गई है। जानकारी होने के बाद ग्राम प्रधान पंकज मल्ल ने कड़ा विरोध जताते हुए जल निगम के ठेकेदार और मजदूरों को रोक लिया। ग्राम प्रधान की सूचना पर पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता राजगोपाल भी मौके पर पहुंच गए। ग्राम प्रधान का कहना है की अभी पिच सड़क की रंगाई हो रही थी। इसी दौरान सड़क को क्षतिग्रस्त कर दिया गया हैै। इसी तरह अरनहवा गांव में पिछले सात महीनों से जल निगम के ठेकेदार की तरफ से पाइप बिछाने का काम किया जा रहा है। खड़ंजा को जगह-जगह उखाड़ दिया गया है और पाइप बिछाने के बाद गड्ढों को भी नहीं भरा गया है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि फुलबदन चौहान ने बताया कि खड़ंजा को पूर्व में उखाड़ दिया गया है, जिसके कारण लोग गड्ढे में गिरकर चोटिल हो जा रहे हैं। कई बार कहने के बाद भी गड्ढों को नहीं भरा जा सका है। उनका कहना है कि ठेकेदार को भी इसकी सूचना देते हुए गड्ढों को भरे जाने की मांग की गई, लेकिन इस पर भी कोई असर नहीं हो सका। इसी तरह कई गांवों में सड़क को तोड़कर छोड़ दिया गया है।
शासन से ही जल निगम ने एनओसी ले रखा है। अगर सड़क कहीं क्षतिग्रस्त हो रही है तो उनकी जिम्मेदारी है कि मरम्मत कराएं, लेकिन वह ऐसा नहीं कर रहे हैं। हम लोग खुद परेशान हैं। दुबौली गांव में नई सड़क को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। इसके लिए जल निगम को नोटिस दिया जाएगा। सड़क के किनारे पटरियों की खोदाई करनी है, लेकिन लापरवाही है कि सड़क को ही तोड़ दिया जा रहा है। -कमलेश यादव, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी