58 केंद्रों पर चार एजेंसियाें के जरिए खरीदा जाएगा धान
- 2,040 रुपये प्रति क्विंटल की दर से होगी धान की खरीद
- इस बार बटाईदारों से नहीं खरीदा जाएगा धान
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिले में एक नवंबर से शुरू होने वाली धान की खरीद के लिए सिर्फ चार एजेंसियां ही नामित की गई हैं। 58 क्रय केंद्र बन गए हैं। शेष के निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है। 2,040 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद की जाएगी। कुल 11 लाख क्विंटल टन धान खरीदने का इस साल लक्ष्य मिला है। इस साल बटाईदार पंजीकरण कराकर धान नहीं बेच पाएंगे। जिन किसानों के नाम से खेत है, वहीं पंजीकरण कराकर धान बेच पाएंगे।
इस साल विलंब से अक्तूबर में हुई बारिश के चलते कहीं-कहीं अभी भी खेतों में पानी भरा है। इस वजह से ऐसे स्थानों वाले किसान धान अभी नहीं काट पाए हैं। हालांकि, हर वर्ष की भांति इस साल भी एक नवंबर से धान खरीद शुरू हो जाएगी। विभाग के मुताबिक पिछले वर्षों में खाद्य विभाग, भारतीय खाद्य निगम, पीसीएफ, यूपी एग्रो, एनसीसीएफ और पीसीयू को धान क्रय केंद्र बनाया जाता रहा है, लेकिन इस बार खाद्य विभाग, पीसीएफ, यूपीएसएस और एफसीआई को ही धान क्रय केंद्र बनाया गया है।
पीसीयू और यूपी एग्रो को इस साल धान क्रय केंद्र नहीं बनाया गया है। 66 क्रय केंद्र स्थापित किए जाने हैं, जिसमें से 58 क्रय केंद्रों का निर्धारण कर दिया गया है। विभाग के मुताबिक 2,040 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद की जाएगी। जनपद में धान खरीद के लिए लक्ष्य का निर्धारण कर दिया गया है। इस साल भी उन्हीं किसानों से धान खरीद होगी, जिन्होंने खाद्य विभाग के पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है।
क्रय केंद्र पर उपलब्ध कराई गई सामग्री
एफसीआई गोदाम दुदही में बने धान क्रय केंद्र पर धान खरीद के लिए सभी तरह की व्यवस्था कर ली गई है। एक नवंबर से यहां धान खरीद शुरू कर दी जाएगी। दुदही के विपणन निरीक्षक अमित कुमार सिंह ने बताया कि केंद्र पर झरना, पंखा, पाल और दो इलेक्ट्रॉनिक कांटा उपलब्ध है। अभी बैनर नहीं मिला है। केंद्र खोलकर किसानों को बताया जा रहा है कि धान सुखाकर और साफ करके ले आएं। संवाद
इस साल सिर्फ चार एजेंसियों से ही धान खरीद की जाएगी। 2,040 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जाएगा। अभी तक सिर्फ तीन हजार किसानों ने विभाग के पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है। सभी किसानों को पंजीकरण कराना अनिवार्य है। बटाईदार इस साल धान नहीं बेच पाएंगे। जिन किसानों के नाम से खेत होगा, वहीं पंजीकरण कराकर धान बेच सकते हैं। 11 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य मिला है।
- विनय प्रताप सिंह, डिप्टी आरएमओ