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Kushinagar News: कार्रवाई को ठेंगा दिखा नियमित चल रहे बंद कराए गए स्कूल

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- बिना मान्यता के चल रहे 12 विद्यालयों पर की गई थी कार्रवाई
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- सितंबर महीने में विद्यालयों को नोटिस देकर कराया था बंद

संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। बिना मान्यता के संचालित स्कूलों के प्रबंधक सरकारी कार्रवाई को ठेंगा दिखा रहे हैं। पिछले महीने में ऐसे 12 विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने बंद करा दिया था। पर, इन विद्यालयों में फिर से कक्षाएं संचालित होने लगी हैं। सूत्रों की माने तो संचालकों और अधिकारियों की मिली भगत से दोबारा स्कूलों को खोल दिया गया है। इसके कारण अभिभावक भी भ्रमित हो गए हैं।
पडरौना ब्लॉक में गैर मान्यता के चिह्नित कुल 12 विद्यालयों में से छह को बीते माह बंद करा दिया गया। वहां नामांकित विद्यार्थियों का पास के परिषदीय विद्यालय में नामांकन कराने का दावा किया गया था। सोमवार को इसकी पड़ताल की गई तो सरस्वती ज्ञान मंदिर नादह और एसएसजी एक्सीलेंट पब्लिक स्कूल नरसर करहिया पूर्व की भांति संचालित मिला। सरस्वती ज्ञान मंदिर नादह के प्रधानाचार्य अरुण कुमार ने बताया कि विद्यालय में शासन की तरफ से जारी मानक के अनुसार आठ शिक्षण कक्ष बनकर तैयार हैं। इसके अलावा अन्य कागजी कार्रवाई भी पूरी कर ली गई है। मान्यता लेने के संबंध में बीईओ से बात हुई है। उन्होंने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसलिए विद्यालय का संचालन किया जा रहा है।
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वहीं रामकोला ब्लॉक के गैर मान्यता प्राप्त पांच, सुकरौली में चार, हाटा में दो, कप्तानगंज में छह और खड्डा में कुल 12 प्राइवेट विद्यालयों को बंद करने के लिए नोटिस दिया गया है। जबकि फाजिलनगर ब्लॉक के तीन, विशुनपुरा के आठ और नौरंगिया के सात विद्यालयों को बंद कराकर मान्यता मिलने पर ही विद्यालय संचालन करने की नोटिस दी गई थी, लेकिन सोमवार को अमर उजाला की तरफ से हुई पड़ताल में अधिकांश विद्यालय संचालित मिले।

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घर से नजदीक कोई परिषदीय विद्यालय आठवीं तक संचालित नहीं होता है। इसलिए बच्चों को निजी विद्यालय में पढ़ने के लिए भेजना पड़ता है। पौत्र सातवीं में पढ़ता है। बीच सत्र में निजी विद्यालय बंद कराने से विद्यालय के कॉपी-किताब की उपयोगिता समाप्त हो जाएगी। इससे आगे की पढ़ाई को लेकर असमंजस की स्थिति है।
- सतन प्रसाद, अभिभावक निवासी मेंहदिया, टोला मठिया बुजुर्ग।

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पांच बच्चे एक प्राइवेट विद्यालय में पढ़ते हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारी मान्यता नहीं होने के कारण बंद करा दिए। कुछ दिन बाद वह पुन: खुल गया। अब बच्चों की पढ़ाई को लेकर असमंजस बना है। यदि स्कूल बंद हो जाएगा तो उनकी खरीदी गई काफी किताबें खराब हो जाएंगी।
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- हीरालाल बैठा, निवासी गोसाईपट्टी।


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शासन की तरफ से बिना मान्यता के संचालित विद्यालयों को बंद कराने का निर्देश है। इसका कड़ाई से पालन किया जा रहा है। जिन विद्यालयों को बंद कराया गया, यदि वे संचालित हो रहे हैं तो उनके खिलाफ नोटिस भेजकर एक लाख रुपये जुर्माना वसूला जाएगा।

- डॉ. राम जियावन मौर्या, बीएसए, कुशीनगर।
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