तमकुहीरोड। कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग पर चलने वाली छह जोड़ी ट्रेनों का नियमित संचालन शुरू हो गया है। इससे तमकुहीरोड स्टेशन की रौनक लौट आई है। स्टेशन परिसर यात्रियों से गुलजार रहने लगा है। यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों के निरस्त होने से लोगो को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। त्योहारी सीजन में ट्रेनों का संचालन शुरू होने से यात्रियों को सहूलियत मिलेगी।
कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग पर गोमतीनगर-छपरा कचहरी एक्सप्रेस, गोरखपुर-पाटलिपुत्र मेल, थावे-कप्तानगंज पैसेंजर, नकहा जंगल-सिवान पैसेंजर, थावे-कप्तानगंज पैसेंजर और सिवान-गोरखपुर डेमू ट्रेन समेत कुल छह जोड़ी ट्रेनों का संचालन होता है। घने कोहरे के प्रकोप को लेकर पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा नकहा जंगल से सिवान व सिवान से नकहा जंगल तक नियमित चलने वाली पैसेंजर ट्रेन और थावे से कप्तानगंज व कप्तानगंज से थावे तक नियमित चलने वाली पैसेंजर ट्रेन को तीन दिसंबर से 29 फरवरी तक के लिए निरस्त कर दिया गया था। इसी तरह कोहरे को लेकर ही गोरखपुर से पाटलिपुत्र व पाटलिपुत्र से गोरखपुर तक चलने वाली मेल पैसेंजर ट्रेन का फेरा सप्ताह में सात दिन से घटा कर तीन दिन कर दिया गया था। लेकिन निरस्तीकरण की समाप्त होने के बाद अब पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा इन सभी छह ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया है। यात्रियों का कहना है कि यूपी से बिहार और बिहार से यूपी की यात्रा करने के लिए ट्रेन ही एक मात्र सस्ता व सुरक्षित यातायात का साधन है। किसी कारणवश जब कोई ट्रेन निरस्त होती है तो सर्वाधिक परेशानी तमकुहीरोड, तरयासुजान, तीनफेड़ीया, जलालपुर, सासामुसा के साथ दुदही, गौरीश्रीराम, काठकुइया, चाफ, पडरौना की यात्रा करने वाले लोकल यात्रियों को होती है। बीते तीन दिसंबर से 29 फरवरी तक ट्रेनों के निरस्त करने से यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही थी। उन्हें दोगुना से तीनगुना किराया चुका कर निजी वाहनों से यात्रा करना पड़ रहा था। अब सभी छह ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है। क्षेत्र के लवकुश गुप्ता, दुर्गेश मद्धेशिया, दिवाकर दत्त, राहुल सोनी आदि का कहना है कि ट्रेनों का आवागमन शुरू होने से कारोबारी गतिविधियों को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।