मंसाछापर। विशुनपुरा ब्लॉक के दो ग्राम पंचायतों का मंगलवार की दोपहर बाद डीपीआरओ ने विकास कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में मोतीपुर गांव में आरआरसी सेंटर अधूरा मिला। उनके निर्देश के बाद भी पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय की रंगाई पुताई नहीं कराई गई थी। पंचायत भवन में रखे रजिस्टर में एक सफाई कर्मचारी पिछले दो महीने का हस्ताक्षर नहीं मिला। इस लापरवाही पर उन्होंने नाराजगी जताई। डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी और स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक नंदू मिश्र सबसे पहले मोतीपुर गांव में पहुंचे। उनके निरीक्षण के दौरान गांव में आरआरसी सेंटर अधूरा मिला। यहीं नहीं धन की निकासी के सापेक्ष काम नहीं हुआ था। इस पर डीपीआरओ ने सचिव विनोद दुबे और ग्राम प्रधान पर नाराजगी जताई। ग्राम पंचायत में हुए सभी विकास कार्यों का अभिलेख डीपीआरओ ने सचिव को कार्यालय में तलब किया। इसके बाद डीपीआरओ पिपरा बाजार में निर्माण हुए अन्त्येष्टि स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पता चला कि बिना रास्ते के ही लाखों रुपये की लागत से निर्माण करवा दिया गया है। इसका कोई उपयोग नहीं है। डीपीआरओ ने सचिव हरिकेश यादव और ग्राम प्रधान को तत्काल रास्ता की व्यवस्था करवाने का निर्देश दिया।