संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। रक्षाबंधन का त्योहार बुधवार की बजाय बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा। बहनों को भगवान गणेश का ध्यान रखते हुए भाइयों की कलाई पर रक्षाबंधन बांधना चाहिए।
ये बातें महर्षि पाराशर ज्योतिष संस्थान ट्रस्ट के ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश पांडेय ने कहीं। उन्होंने कहा कि श्रावण शुक्ल पूर्णिमा 30 अगस्त की सुबह 10:13 से 31 अगस्त को सुबह 07:46 तक रहेगी। उन्होंने बताया कि उदया तिथि के अनुसार 31 अगस्त को सुबह पांच बजे से 07:46 के बीच रक्षांबधन का सबसे अच्छा मुहूर्त है। क्योंकि 30 अगस्त को सुबह 10:13 से रात 08:57 बजे तक भद्रा है। भद्रा काल में रक्षाबंधन का पर्व मनाना वर्जित है। इसलिए 31 अगस्त गुरुवार को पांच बजे से 07:46 के बीच सर्वोत्तम मुहूर्त के साथ रक्षाबंधन पर्व मनाया जाना शुभ होगा।