पडरौना। कलक्ट्रेट में बुधवार को किसान दिवस का आयोजन किया गया। किसानों ने राजवाहों पर कब्जा, किसान सम्मान निधि नहीं मिलने और चीनी मिल पर बकाया गन्ना मूल्य का मुद्दा उठाया। लघु सिंचाई विभाग के जिम्मेदार बाढ़ से बचाव और रजवाहों पर कब्जा के मामले में जवाब देने के बजाए एक दूसरे पर टालते नजर आए। डीएम ने लापरवाह मातहतों पर नाराजगी जताई। अवैध तरीके से चल रहे ईंट-भट्ठाें पर कार्रवाई की मांग उठी।
पिछली बैठक की कार्रवाई को उप कृषि निदेशक के सुनाने के बाद किसानों ने शिकायत और सुझाव दर्ज कराना शुरू किया। रहसू के परविंदर मिश्रा ने डीएम उमेश मिश्रा से कहा कि वह साल से उप कृषि निर्देशक कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। कर्मचारियों के कहने पर दूसरे बैंक में अकाउंट खुलवाने से लेकर अन्य जरूरी प्रक्रिया पूरा की लेकिन, किसान सम्मान निधि आज तक नहीं मिल सकी। नाराज डीएम ने सीडीओ गुंजन द्विवेदी को उप कृषि निर्देशक से स्पष्टीकरण मांगने को कहा। किसान से भी लिखित शिकायत मांगी। इसके बाद साढ़ी माइनर पर अतिक्रमण की शिकायत दर्ज कराया।
किसान पुरुषोत्तम दुबे ने कहा कि पीडब्लूडी की ओर से सड़क का चौड़ीकरण कर दिया गया है। लेकिन, सिंगहा में गंडक विभाग की ओर से बनाई गई संकरी पुलिया चौड़ी नहीं होने से एक साल में छह लोगों की हादसे में जान जा चुकी है। गंडक विभाग के एक्सईएन वी राम ने बताया कि जब विभाग पुलिया का निर्माण कराया था तो पतली सड़क थी। पीडब्लूडी को ही पुलिया का निर्माण कराना है। इसके लिए पीडब्लूडी को पत्र लिखा जा चुका है। वहीं किसानों ने पडरौना चीनी मिल पर बकाया गन्ना भुगतान की मांग की। अफसरों ने बताया कि हाईकोर्ट में मामला लंबित है। फैसला आने पर ही किसानों काे भुगतान हो सकेगा।
डीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ उन्हीं कृषकों को मिलेगा, जिनका ई-केवाईसी, भूलेख अंकन और बैंक में एनपीसीआई पूरा होगा। जिन्होंने अब तक ई-केवाईसी, भूलेख अंकन और बैंक में एनपीसीआई नहीं कराई है, वे अतिशीघ्र करा लें ताकि अगली किस्त मिल सके। किसान वशिष्ठ नरायण ने जोकवा राजवाहा के 19 किमी के नीचे की नहर जोकवां राजवाहा एवं बलियवा माईनर में सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध कराने के लिए आवेदन दिया। सीडीओ ने सिचाई खंड द्वितीय कुशीनगर को निर्देशित किया कि प्राथमिकता के आधार पर तत्काल कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। डीएम ने किसानों से कहा कि परंपरागत खेती छोड़ तकनीकी खेती करें, ताकि आमदनी बढ़ सके। इस दौरान विभागीय अधिकारी और किसान मौजूद रहे।