जिला जेल में बनेगी क्वारंटाइन बैरक, 1000 बंदियों की होगी क्षमता
पडरौना। जिला कारागार का निर्माण शुरू कराने की योजना परवान चढ़ने लगी है। इसके निर्माण की जिम्मेदारी पीडल्यूडी के निर्माण खंड भवन डिवीजन को सौंपी गई है। जुलाई में देवरिया जेल अधीक्षक बीएन मिश्र ने प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण करके जल्द निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराने का आश्वासन दिया था। नई जेल में आधुनिक सुविधाएं बंदियों को मिलेंगी। कोरोना संक्रमण जैसे संकट से निपटने के लिए क्वारंटाइन बैरक बनाई जाएगी।
जिले में नई जेल बनाने के लिए पडरौना तहसील क्षेत्र के लमुहा में 18.333 हेक्टेयर, भटवलिया में 2.172 हेक्टेयर, मजरा केवलछपरा में 3.762 हेक्टेयर और केवलछपरा में किसानों से 0.393 हेक्टेयर सहित कुल 327 किसानों से ली गई 26.364 हेक्टेयर भूमि पर निर्माण शुरू कराया जाएगा। इसके निर्माण की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी के निर्माण खंड को सौंपी गई है। इसका डीपीआर तैयार कराया जा रहा है।
कुशीनगर में बनने वाली नई जेल में सभी आधुनिक सुविधाएं मुहैया होंगी। एक हजार बंदियों की क्षमता के लिए बैरक बनाई जाएंगी। इसमें 120 बंदियों की क्षमता की छह बैरकें बनेंगी, जो डबल स्टोरी होंगी। इसके अलावा 60 बंदियों के लिए अलग बैरक बनाई जाएगी। महिला बंदियों के लिए 60 लोगों की क्षमता की बैरक बनेगी। महिलाओं के अकेले रहने के लिए अलग से एक कमरा बनाया जाएगा। नई जेल में 54 लोगों के उपचार किए जाने की सुविधा से लैस अस्पताल भी होगा। दो हाईसिक्योरिटी बैरक बनेंगी, जिसमें 24 बंदी रखे जा सकेंगे। इसके अलावा जेल में क्वारंटाइन बैरक भी बनेगी। डीपीआर तैयार किए जाने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को सौंपे जाने के बाद से इसका निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है।
इस संबंध में देवरिया के जेल अधीक्षक बीएन मिश्रा ने बताया कि भूमि के सीमांकन का आदेश मिला है। इसका लेआउट प्लान बनाया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी गोरखपुर की निर्माण शाखा को मिली है। जल्द ही जेल का निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद जगी है।