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Kushinagar News: पूर्वांचल की पहली हल्दी प्रोसेसिंग यूनिट को बिजली कनेक्शन का इंतजार

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- अकेले दुदही क्षेत्र में करीब डेढ़ हजार हेक्टेयर में होती है हल्दी की खेती
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर/दुदही। जनपद में हल्दी के प्रचुर मात्रा में उत्पादन को देखते हुए दुदही क्षेत्र के बांसगांव पिपरा टोला में स्थापित हल्दी प्रोसेसिंग यूनिट को चालू करने के लिए बिजली कनेक्शन की दरकार है। इस यूनिट की जगह बदल जाने के कारण बिजली व्यवस्था पर लागत भी पांच लाख से बढ़कर आठ लाख हो गई है। धन कम पड़ने पर डीएम ने क्रिटिकल गैप फंड से धन उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है। फरवरी में इसके चालू होने की संभावना है।
ऐसा होते ही हल्दी प्रोसेसिंग यूनिट चालू हो जाएगी। इससे यहां हल्दी का उत्पादन तो बढ़ेगा ही, पूर्व की भांति उसका दूसरे जनपदों और राज्यों में निर्यात भी हो सकेगा। पडरौना, दुदही और रामकोला क्षेत्र सहित जिले भर में करीब दो हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में हल्दी की खेती होती है। यहां प्रचुर मात्रा में हल्दी उत्पादन की संभावनाओं को देखते हुए दुदही में करीब दो करोड़ की लागत से हल्दी प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित हुई है। पूर्व में जिस जगह यह प्लांट लगा है वह जमीन वन विभाग की होने के कारण आपत्ति आने पर वहां से हटाकर 500 मीटर दूर दूसरी जगह प्लांट लगाया गया है। उसमें बिजली कनेक्शन की लागत पांच लाख से बढ़कर अब 13 लाख हो गई है। बजट कम पड़ने पर डीएम ने क्रिटिकल गैप फंड से धन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। विभाग का कहना है कि यह पूर्वांचल की पहली हल्दी प्रोसेसिंग यूनिट है।
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158.27 करोड़ रुपये की लागत से बांसगांव पिपरा टोला में हल्दी प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की गई है। इसके लिए प्लांट लग गया है। बिजली के लिए पांच लाख रुपये का स्टीमेट बना था, लेकिन जगह बदलने की वजह से खर्च बढ़कर 13 लाख हो गया है। इसी वजह से प्लांट चालू नहीं हो सका। डीएम ने क्रिटिकल गैप फंड से धन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। यह पूर्वांचल का पहला हल्दी प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित हो रहा है। इससे हल्दी की खेती करने वाले किसानों की आय बढ़ेगी।
-कृष्ण कुमार, जिला उद्यान अधिकारी
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किसानों को होगा मुनाफा
किसानों को जो हल्दी का दाम मिलता था, उससे चार गुना ज्यादा मुनाफा प्लांट चालू होने के बाद होगा। अभी तक किसान हल्दी तैयार करने के बाद 10 से 12 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेच देते थे। वहीं सुखाकर 50 से 60 रुपये प्रति किलो बेचते हैं, जबकि मार्केट में हल्दी का रेट ढाई सौ रुपये किलो है। प्रोसेसिंग यूनिट तैयार होने के बाद किसानों की हल्दी 100 से 150 रुपये किलोग्राम तक बिकेगी। इससे किसानों की आय बढ़ेगी। अभी बिचौलिये खरीदकर बाहर भेज देते हैं। इसके अलावा कुशीनगर से बड़े पैमाने पर नेपाल को भी हल्दी भेजी जाती है। अन्य प्रदेशों के व्यापारी भी कुशीनगर आकर हल्दी लेकर जाते हैं।
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हल्दी की खेती करने वाले किसान बोले
दुदही क्षेत्र में हल्दी व्यवसाय पहले काफी होता था, लेकिन सरकारी प्रोत्साहन नहीं मिलने पर व्यवसाय कम होता चला गया। इसके चलते हल्दी की खेती हम लोग कम करने लगे थे, लेकिन अब यह प्लांट लगने से किसान खुश हैं।
-मैनेजर कुशवाहा, पडरौन मडूरही
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हल्दी खरीदने बाहरी व्यापारी आते थे, अब नहीं आते हैं। छह बीघा खेत है, जिसमें हल्दी का उत्पादन करते थे, अब भिंडी, मिर्च, बैंगन आदि उगाते हैं। हल्दी प्रोसेसिंग यूनिट लगने से फिर हल्दी की पैदावार करेंगे।
-जगदीश नारायण गुप्ता, बांसगांव सरगटिया
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हल्दी प्रोसेसिंग यूनिट लगने से किसानों को हल्दी का मूल्य अच्छा मिलेगा ही, कुशीनगर जनपद से हल्दी अन्य जिलों और प्रदेशों में जाएगी। वहां भी जिले का नाम होगा।
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-रमाशंकर गुप्ता, अमवाखास टोला बरवापट्टी
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पहले हल्दी की खेती 14 बीघा जमीन में करते थे। दाम उचित नहीं मिलने पर गन्ना और केला की बुवाई शुरू कर दिए, लेकिन अब दुदही के बांसगांव में हल्दी प्रोसेसिंग यूनिट लग रही है। इससे अनुदान एवं दाम दोनों उचित मिलेगा तो पैदावार बढ़ा दी जाएगी।
-विजय कुशवाहा, ठाढ़ीभार
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