संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। पिछले छह माह में लॉरेंस विश्नोई गैंग अपनी करतूतों के कारण अगर चर्चा में आया है, और उसका कनेक्शन किसी शहर के गुर्गों से निकला है, तो उसमें पूर्वांचल और इससे निकटवर्ती बिहार के इलाके शामिल रहे हैं।
यहां तक कि लॉरेंस गैंग की ओर से मुंबई में जिस एनसीपी नेता की हत्या हुई, उनका निवास स्थान भी गोपालगंज में ही है। इससे यह गैंग पुन: चर्चा में आ गया है। अजय कश्यप का नाम सुक्खा की जुबान से निकलने के बाद पुलिस अजय के संपर्क में रहने वालों की जानकारी गोपनीय तरीके से जुटा रही है।
एनसीपी नेता की हत्या और सलमान खान पर हमले की साजिश रचने में वांछित अपराधी सुक्खा की गिरफ्तारी जिसने कुशीनगर के धनंजय सिंह उर्फ अजय कश्यप (एके) को हमले की साजिश का टास्क दिया था। पुलिस सूत्रों की मानें तो पूर्वांचल और आसपास के क्षेत्रों में लॉरेंस गैंग से कनेक्शन में भी अजय कश्यप की हिस्सेदारी है। जिस तरह उसने मुंबई में 60-70 शूटर्स तैयार किए हैं, उससे इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा है कि उसके इस गैंग का हिस्सा कम उम्र के युवा हैं। जो चंद पैसों के कारण गलत कार्यों को अंजाम दे सकते हैं। कुशीनगर और आसपास के इलाकों में शिक्षा का अभाव भी है। ऐसे में इन तमाम कनेक्शन के बीच सुरक्षा एजेंसियों ने धनंजय से अपराध की दुनिया में ‘अजय’ बनने वालों के कनेक्शन खंगालने शुरू किए हैं। लॉरेंस विश्नोई गैंग और इसका कनेक्शन पूर्वांचल के अलावा कुशीनगर के निकटवर्ती बिहार के गोपालगंज, पश्चिम चंपारण जिलों में छह माह से देखा जा रहा है, जहां कभी सलमान खान के मुंबई स्थित फार्म हाउस गैलेक्सी अपार्टमेंट पर फायरिंग मामले में पश्चिम चंपारण के दो युवक गिरफ्तार होते हैं, तो इन्हें असलहा मुहैया कराने का कनेक्शन गोरखपुर से निकलता। कभी राजस्थान से आकर लॉरेंस विश्नोई गैंग के गुर्गे कुशीनगर और गोपालगंज की सीमा पर पकड़े जाते हैं। कुशीनगर के अलावा पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, गोरखपुर से जुड़े इन अपराधियों का ध्येय जरूर अलग देखा गया, लेकिन इनके कनेक्शन और शहर में ज्यादा फर्क नहीं था। इन सभी गुर्गों के कनेक्शन लॉरेंस विश्नोई गैंग से जुड़े हैं, तो शहर भी एक दूसरे से महज चंद दूरी पर है।