रहसू बाजार। तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला को बच्चे का शव दफनाने के लिए अपने ही समुदाय के लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। मामले की जानकारी होने के बाद पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद शव को कब्रिस्तान में दफना दिया गया।
क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने बताया कि 14 वर्ष पूर्व उसने सपही टड़वा निवासी एक हिंदू व्यक्ति से कोर्ट मैरिज की थी। उसके बच्चे भी हैं। एक बेटे की उम्र 10 वर्ष है तो दूसरे बेटे की उम्र छह वर्ष थी। चार वर्ष पूर्व उसके पति की मौत हो गई। इसके बाद वह अपने पिता के घर यानि मायके में मधुरिया आकर रहने लगी। महिला ने बताया कि उसका दूसरा बेटा तीन महीने से गंभीर बीमारी से पीड़ित था, जिसकी सोमवार को मौत हो गई। महिला ने मुस्लिम धर्म के अनुसार दोनों बच्चों का मुसलमानी भी करा चुकी है। इसलिए वह अपने मृतक बेटे का मुस्लिम धर्म के अनुसार ही अंतिम संस्कार करना चाहती थी। उसके परिवार के लोगों को कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन गांव के कुछ लोग उसे मुस्लिम धर्म की बजाय हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार करने की बात कहने लगे। जब वह कब्रिस्तान में बेटे का शव लेकर दफनाने पहुंची तो वहां लोगों ने विरोध किया। इसकी सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई और गांव वालों तथा महिला को समझा-बुझाकर शांत कराते हुए बच्चे के शव को दफन करा दिया। चौकी प्रभारी मधुरिया अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि शव दफनाने को लेकर विवाद होने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम के साथ मौके पर गया था। वहां दोनों पक्षों से बातचीत के बाद मामले का हल करा दिया गया। महिला ने अपने बेटे के शव को कब्रिस्तान में दफन कर दिया है।