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Kushinagar News: न साइफन साफ हुआ और न बड़े नालों की सफाई, फिर कैसे जलभराव से बचेंगे मोहल्ले

Mon, 22 May 2023 01:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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मानसून से पहले नहीं हुआ जलभराव रोकने का इंतजाम तो बढ़ेगी परेशानी
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फोटो है।
- बड़े नालों की नहीं हुई सफाई, कूड़े-कचरे से भरे हैं नाले
- बलुचहां रोड के किनारे नाले के ऊपर छत ढालकर करा दिया गया है पक्का निर्माण
- रामकोला रोड स्थित बलुचहां मोड़ पर छोड़ दिया गया है पुलिया को खोदकर
- धूल और दुर्गंध से परेशान हैं मोहल्लेवासी, फिर भी समस्या जस की तस
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। मानसून आने में अब एक महीने से भी कम समय बचा है, लेकिन शहर के बड़े नालों और साइफन की अब तक सफाई नहीं हुई है। रामकोला रोड स्थित बलुचहां मोड़ पर ही पुलिया को खोदकर पाइप निकाल दी गई है। उसे ठीक नहीं कराया गया है। आसपास के रहने वाले लोगों और दुकानदारों का कहना है कि नाला खुला होने के कारण दुर्गंध से उनका रहना मुश्किल हो गया है। मच्छर पनप रहे हैं, जो रात की कौन कहे, दिन में ही काट रहे हैं। गड्ढा खोदने के कारण मिट्टी और धूल उड़कर उनकी दुकानों और घरों में भर जा रही है। इससे कपड़े तो गंदे हो ही रहे हैं, सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है। इस पुलिया का महत्व इतना अधिक है कि इसी के रास्ते रामकोला रोड के उत्तर शहर का पूरा गंदा पानी होकर आता है और साइफन में गिरता है। पुलिया की दुर्दशा हुए दो महीना हो गया है, तब से यहां के लोग परेशान हैं। बलुचहां रोड पर ही सड़क के एक तरफ नाला सफाई बिना झाड़ियों से पटा है तो दूसरी तरफ लोगों ने नाले के ऊपर छत ढालकर पक्का निर्माण करा लिया है, लेकिन किसी की नजर नहीं जा रही है। यह नाला कूड़े-कचरे से पटा हुआ है।

बलुचहां मोड़ पर धूल और दुर्गंध से लोग परेशान
करीब दो माह पहले भूमिगत केबल डालते समय जेसीबी से खुदाई के दौरान रामकोला रोड पर बलुचहां मोड़ पर नगर पालिका के दो पाइप फट गए थे। इसके बाद से पेयजल आपूर्ति ठप हो गई थी। नगर पालिका की तरफ से पेयजल आपूर्ति बहाल कराने के लिए पुलिया की एक तरफ की खुदाई कराकर पाइप निकाली गई थी। पाइप के रिसाव को बंद तो कर दिया गया, लेकिन न तो गड्ढे में मिट्टी भरी गई और न ही पाइप व्यवस्थित किया गया। उसी समय से यहां के मोहल्लेवासी और दुकानदार परेशान हैं। उनका कहना है कि नौका टोला होते हुए शहर की नालियों और बरसात का पानी इसी रास्ते आकर साइफन में गिरता है। लगभग दो माह से धूल और दुर्गंध के कारण यहां रहना मुश्किल हो गया है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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बलुचहां रोड पर नाले चोक, गंदगी का अंबार
पडरौना शहर का पूरा गंदा पानी इसी रास्ते होकर साइफन में गिरता है, जिसके रास्ते यह पानी शहर से बाहर निकलता है। पिछले कुछ वर्षों से नाले की सफाई न होने के कारण बरसात के दिनों में बलुचहां रोड पर जलभराव हो जाता है। यदि ज्यादा बारिश हो गई तो घुटने तक पानी लग जाता है, जिससे इस रास्ते आवागमन ठप हो जाता है, जबकि शहर में जाम लगने पर राहगीर इसी मार्ग से मुख्य पश्चिमी गंडक नहर के रास्ते शहर से बाहर निकल जाते हैं। उन्हें जाम से जूझना नहीं पड़ता है। इस सड़क के दोनों तरफ नाले हैं। एक तरफ का नाला झाड़ियों से पटा है तो दूसरी तरफ कूड़े-कचरे के ढेर से। इस नाले के ऊपर लोगों ने छत ढालकर पक्का निर्माण करा लिया है।

कैसे निकले शहर का गंदा पानी, साइफन भी जाम
पडरौना शहर के सभी मोहल्लों की नालियों से निकले गंदे पानी को बाहर निकालने के लिए मुख्य पश्चिमी गंडक नहर के नीचे से साइफन निकाला गया है। इस साइफन की सफाई न होने से जाम है। इसके अलावा इसका नाला क्षतिग्रस्त होने के कारण गायत्री मंदिर के पीछे पानी दूर तक फैला हुआ है। झाड़ियों और गंदगी से पटा हुआ है। इसके अलावा साइफन से निकलने वाला नाला भी झाड़ियों व गंदगी के कारण संकरा हो गया है। लोगों का कहना है कि मध्य जून में बरसात शुरू हो जाएगी। यदि इससे पहले साइफन और नालों की सफाई नहीं कराई गई तो शहर के निचले हिस्से वाले मोहल्लों के लोगों को इस बरसात में भी जलभराव से जूझना पड़ सकता है।

बोले मोहल्लावासी
बरसात से पहले कराया जाए जलनिकासी का पुख्ता प्रबंध
पडरौना शहर का पूरा गंदा पानी बलुचहां मोड़ स्थित पुलिया के रास्ते ही निकलता है। पाइप में रिसाव के कारण नगर पालिका ने गड्ढा खोदकर छोड़ दिया, तब से इसे भरवाने की जरूरत नहीं समझी। तभी से हम सभी परेशान हैं।
-सुरेश प्रसाद, निवासी बलुचहां मोड़

दो महीने से हम लोग दुर्गंध के बीच रहने को विवश हैं। नगर पालिका की ओर से गड्ढा खोदवाकर छोड़ दिया गया। हम यहां दुकान करते हैं। गंदगी और दुर्गंध के कारण ग्राहक खड़ा होना पसंद नहीं करते।
-मुन्ना, दुकानदार

नगर पालिका की ओर से जब पुलिया खोदी जा रही थी, तभी हम लोगों ने रोका था। सदर विधायक के आश्वासन पर पुलिया खोदी गई थी। पानी का रिसाव तो बंद हो गया, लेकिन गड्ढा ज्यों का त्यों छोड़ दिया गया है। इससे मच्छर मच्छर पनप रहे हैं, जो रात ही नहीं, दिन में भी काट रहे हैं।
-राजेंद्र, तिलकनगर बलुचहां मोड़ पर गड्ढा खोदकर छोड़ने से धूल दुकान में भर जा रही है। सांस लेने में तकलीफ हो रही है। लोग धूल की एलर्जी से भी परेशान हैं। दुर्गंध से भी दिक्कतें हो रही हैं।
-संतोष अग्रहरी, दवा विक्रेता

शहर में नाले जलनिकासी के लिए बनाए गए हैं, लेकिन लोगों ने उन पर अतिक्रमण कर लिया है। लोगों ने उस पर पक्का निर्माण भी करा लिया है। इसे हटवाना तो दूर, नालों की सफाई तक नहीं होती है।
-बबलू, तिलकनगर (बलुचहां रोड)

शहर के नाले अतिक्रमण के शिकार हैं। इन नालों की सफाई भी नहीं हो रही है, जिसके चलते वे कूड़े-कचरे से भर गए हैं। इसके चलते बरसात में बलुचहां रोड पर घुटने तक पानी भर जाता है। यदि इस बार नालों की सफाई न हुई तो फिर से जलभराव से जूझना पड़ेगा।
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-रफीक, निवासी बलुचहां रोड

वर्जन
पडरौना में बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या न हो, इसे लेकर पूरी संजीदगी बरती जाएगी। बड़े नालों की समय रहते सफाई कराई जाएगी, ताकि शहर के लोगों को फिर से जलभराव की समस्या से जूझना न पड़े।
-विनय जायसवाल, नवनिर्वाचित अध्यक्ष
नगर पालिका परिषद, पडरौना
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