संतकबीरनगर। संपूर्ण समाधान दिवस में की गई शिकायत की डीएम ने जांच कराई तो मनरेगा में फर्जीवाड़ा मिला। मजदूर के बिना काम किए ही अभिलेखों में दर्शाया गया था कि उसने कार्य किया है। फर्जी ढंग से गलत खाता मस्टर रोल में अंकित करके दूसरे के खाते में मजदूरी भी भेज दी गई। जांच में प्रधान और सचिव आरोपी पाए गए हैं।
विकास खंड खलीलाबाद के ग्राम पंचायत मोहिउद्दीन निवासी राम दरश ने शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम को शिकायती पत्र दिया था। आरोप था कि वह शारीरिक रूप से कमजोर हैं और मनरेगा में काम नहीं किया है। प्रधान ने साजिश के तहत उन्हें फर्जी तरीके से मनरेगा में काम करना दर्शा दिया है। उसका फर्जी तरीके से बैंक में खाता खोल कर मजदूरी की रकम का भुगतान करा लिया गया है।
डीएम संदीप कुमार ने बताया कि प्रकरण की गंभीरता को देखते ही डीसी मनरेगा प्रभात कुमार द्विवेदी से जांच कराई। जांच में पाया गया कि ग्राम पंचायत मोहिद्दीनपुर में मनरेगा योजना अंतर्गत 2021-22 में अब्बास के घर से रियाज के घर तक इंटर लॉकिंग का कार्य कराया गया है। इस कार्य में रामदरश के जॉबकार्ड पर कुल 16 दिन का मस्टर रोल भरा गया है। उसकी मजदूरी 3,262 रुपये अंकित है। इसी प्रकार सफीउल्लाह के घर से पिच रोड तक इंटरलॉकिंग कार्य कराया गया है। इसमें राम दरश के जॉबकार्ड पर कुल 15 दिन का मस्टर रोल निर्गत किया गया है। उसकी मजदूरी 3,060 रुपये है।
इन दोनों परियोजनाओं पर केनरा बैंक खलीलाबाद से तीन मार्च 2022 को 3,262 रुपये और तीन अप्रैल 2022 को 3,060 रुपये का भुगतान हुआ है। जांच में पता चला कि इस खाता नंबर राम दरश का न होकर उमेश पुत्र फूलचंद्र निवासी बड़गों का है। डीएम ने बताया कि फर्जी तरीके से दोनों परियोजनाओं पर शिकायतकर्ता राम दरश को काम करना दिखाया गया है, जबकि वास्तव में वह काम नहीं किया है। कूटरचित ढंग से गलत खाता खोलकर मस्टर रोल भर कर बड़गों निवासी उमेश चंद्र के खाते में 6,322 रुपये भेज दिए गए हैं, जो वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। शिकायकर्ता की शिकायत सही मिली है। जांच में प्रधान और सचिव की भूमिका पाई गई है। डीएम ने बताया कि प्रधान और सचिव को नोटिस भेजकर 15 दिन में जवाब मांगा जाएगा। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला कार्रवाई की जाएगी।