पडरौना। मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए प्रशासन नए-नए तरीके अपना रहा है, ताकि लोगों को जागरूक कर पिछले साल जिले में हुए मतदान का रिकाॅर्ड तोड़ा जा सके। इस बार ग्राम प्रधान भी अपने गांवों में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कर मतदाताओं को मतदान के प्रति प्रेरित करेंगे। इसके लिए डीपीआरओ समेत सभी बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं।
जिले में 977 ग्राम पंचायतें हैं। ग्राम प्रधानों को अधिक मतदान कराने का दायित्व दिया जाएगा। हर चुनाव में मतदान का विशेष महत्व होता है। वोट डालना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। इस बार मतदाताओं को जागरूक करने के लिए प्रधानों का भी सहयोग लिया जाएगा। ताकि वोट डालने के लिए लोगों को घरों से बूथ तक भेजा जा सके। इसके लिए प्रधानों को प्रशिक्षण के साथ दिशा-निर्देश भी दिए जाएंगे। वे गांवों और मजरों में युवाओं की टोली बनाकर युवा मतदाताओं को वोट का महत्व समझाएंगे। इससे एक ओर मतदान का प्रतिशत बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर युवा वर्ग भी जागरूक होगा। युवा मतदाताओं की संख्या भी जिले में पांच लाख से अधिक है। प्रशासन का ऐसा मानना है कि प्रधानों की बात जनता आसानी से मानती है।
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मूलभूत सुविधाओं का पंचायतों को करना होगा इंतजाम
मतदान केंद्रों व बूथों पर मूलभूत सुविधाएं समय से जुटाने के लिए भी ग्राम पंचायतों को जिम्मेदारी दी गई है, जिससे बूथों पर पेयजल, शौचालय, रैंप आदि की व्यवस्था को समय से दुरुस्त किया जा सके। इसके लिए सचिवों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। सचिव प्रधानों के साथ सामंजस्य बिठाकर कार्यों को पूरा कराएंगे।
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स्कूलों में कराई जाएंगी प्रतियोगिताएं
लोकसभा चुनाव में मतदान का प्रतिशत बढ़ाने पर चुनाव आयोग व प्रशासन का जोर हैं। वैसे तो प्रत्येक बूथ पर प्रतिशत बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन एक हजार बूथ ऐसे हैं, जिन पर पिछले चुनाव में मत प्रतिशत कम रहा है। इन बूथों पर जिम्मेदारों की कड़ी नजर है और यहां के वोटरों को जागरूक करने के लिए तमाम तरीके अपनाए जा रहे हैं। डीआईओएस रविंद्र सिंह ने बताया कि पोस्टर सहित मेहंदी और रंगोली प्रतियोगिताओं का स्कूलों में आयोजन होगा। स्वीप कार्यक्रम के तहत जिले के मतदाताओं को अधिक से अधिक मतदान के प्रति जागरूक किया जा सके। मई तक इसका आयोजित किया जाएगा। प्रतियोगिताओं के लिए ब्लॉक के हिसाब से समय सारिणी भी जारी की गई है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता की फोटो कर निर्वाचन आयोग को भेजा जा रहा है। सीबीएसई, आईसीएसई विद्यालयों के छात्र-छात्राओं में पोस्टर, रंगोली, मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन कराने के निर्देश दिए गए हैं। दो अप्रैल से विद्यालयों में प्रतियोगिता का शुभारंभ किया जाएगा।