उजारनाथ। तमकुही के गांव मोगलपुरा निवासी जर्मन प्रसाद युवा से अब 70 वर्ष के बुजुर्ग हो गए हैं लेकिन उन्हें 32 वर्ष पूर्व मिले आवासीय पट्टे की भूमि पर तहसील प्रशासन अभी तक कब्जा नहीं दिला पाया। उपजिलाधिकारी व तहसीलदार के आदेश पर क्षेत्रीय लेखपाल की मनमानी भारी पड़ रही है।
जर्मन प्रसाद के पास 1992 से अब तक सौ प्रार्थना पत्र मौजूद हैं, जिसमें कई तत्कालीन उप जिलाधिकारियों ने लेखपाल को पट्टे की भूमि पर कब्जा दिलाने का आदेश दिया है, लेकिन असहाय जर्मन प्रसाद को पट्टे की भूमि पर कब्जा नहीं मिल पाया।
वर्तमान में उपजिलाधिकारी विकास चंद ने भी लेखपाल को पट्टे की भूमि पर कब्जे दिलाने के लिए 06 अप्रैल 2024 को आदेश दिया है। बुजुर्ग का आरोप है कि लेखपाल विरोधियों से मिले हुए हैं। वह पट्टे की भूमि की पैमाइश नहीं कर रहे हैं। जर्मन प्रसाद ने कहा कि वह न्याय आस में दौड़ते-दौड़ते थक गए हैं, फिर भी यह आशा बनी हुई है कि कोई जिम्मेदार अधिकारी मेरी पीड़ा को जानकर एक दिन न्याय मुझे अवश्य दिलाएगा। इस संबंध में उपजिलाधिकारी विकास चंद ने बताया कि अभी तक पट्टे की भूमि पर कब्जा क्यों नहीं मिल पाया, इसे जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।