-बड़ी बेटी के धर्मांतरण के मामले में आरोपी को बचा चुकी है पुलिस
-छोटी बेटी का भी 26 दिन पूर्व किया था अपहरण, दर्ज है केस
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। अपहृत किशोरी की बरामदगी के बाद लीपापोती में जुटी तरयासुजान थाने की पुलिस ने अमर उजाला में खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को यू टर्न ले लिया। किशोरी के मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया शुरू हो गई। आरोपी 20 दिन बाद भी पुलिस की पहुंच से दूर है।
तरयासुजान थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी को जनवरी माह में गांव का रहने वाला एक गैर समुदाय का युवक बहला फुसलाकर भगा ले गया। किशोरी का धर्मांतरण कराकर शादी कर ली और तमकुहीराज कस्बे में किराए के मकान में रहने लगा।
इस मामले में पुलिस नेे केस दर्ज किया था, लेकिन अपहृत किशोरी को बालिग बताते हुए मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दिया। 4 सितंबर को युवक ने जिससे शादी की, उसकी छोटी बहन का अपहरण कर लिया। पुलिस ने तीन लोगों पर केस दर्ज किया और 9 सितंबर को पिता को थाने बुलाकर किशोरी को सुपुर्द कर दिया। लेकिन किशोरी का मेडिकल परीक्षण या कलमबंद बयान कराना उचित नहीं समझा।
पूर्व में हुई कार्रवाई में जैसे आरोपी को पुलिस ने बचाया, ठीक वैसे ही इस मामले में पुलिस आरोपियों को क्लीनचिट देने की तैयारी में थी। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस सक्रिय हुई है। किशोरी को शुक्रवार को एक महिला सिपाही लेकर सीएमओ कार्यालय पर मेडिकल कराने के लिए पहुंची।
मेडिकल परीक्षण से जुड़ी कुछ कार्रवाई पूरी हुई। बाकी आज होगी। इंस्पेक्टर अमित शर्मा ने बताया कि किशोरी को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है। इस कार्रवाई में दो दिन का समय लगता है।