रामकोला सीएचसी में चिकित्सा प्रभारी डॉ. एसके विश्वकर्मा से जानकारी लेते इंस्पेक्टर संतोष श्रीवा
रामकोला। थाना क्षेत्र के पकड़ी बांगर गांव निवासी एक व्यक्ति के साढ़े तीन वर्ष के बच्चे की मौत के मामले में रामकोला थाने की पुलिस शुक्रवार को रामकोला सीएचसी में पहुंची। प्रभारी चिकित्साधिकारी सहित अन्य चिकित्सकों से घटना के बारे में जानकारी ली। चिकित्सक ने बच्चे को इलाज के बाद रेफर करने की पर्ची को भी पुलिसकर्मियों को दिखाया। वहीं रामकोला थाने के एसएचओ राजू सिंह ने कहा कि इस मामले की रिपोर्ट सीएमओ को भेजी जाएगी, जो उनकी तरफ से जांच का रिपोर्ट आएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस घटना के बाद से सीएससी पर रहने वाले बाहर के युवक भाग खड़े हुए हैं।
रामकोला थाना क्षेत्र के इस गांव के निवासी दुर्गेश चौरसिया ने तहरीर देकर बताया था कि अपने बेटे सक्षम की तबीयत 13 दिसंबर को खराब हुई तो इलाज कराने रामकोला सीएससी ले गए। वहां एक चिकित्सक के दो प्राइवेट कंपाउंडरों ने अपने ही पर्ची लिखकर दवा मंगाई और इंजेक्शन लगाया। पैसा भी लिया। इंजेक्शन लगाने के बाद उनके बेटे की मौत हो गई। रामकोला थाने के क्राइम इंस्पेक्टर संतोष श्रीवास्तव, चौकी इंचार्ज मिथिलेश प्रजापति व अन्य पुलिसकर्मियों के साथ रामकोला सीएससी पर पहुंचे। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉक्टर एसके विश्वकर्मा तथा डॉक्टर रजनीश श्रीवास्तव से बच्चे की मौत के मामले में जानकारी ली। इस दौरान डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चे को झटका की बीमारी थी। उसका इलाज करने के बाद तत्काल जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया, लेकिन परिजन जिले पर न ले जाकर घर चले गए, जहां मौत होने के बाद अस्पताल पर आकर हंगामा किए। वहीं थाने में पड़ी तहरीर के बारे में थाने के एसएचओ राजू सिंह ने कहा कि मामला चिकित्सा विभाग से है। तहरीर पड़ी है। मुख्य चिकित्साधिकारी को जांच के लिए भेजा जा रहा है। जिसने भी लापरवाही किया होगा, सीएमओ की रिपोर्ट पर कार्रवाई की जाएगी।
स्टाफ नर्स को नोटिस जारी कर चिकित्सा प्रभारी ने मांगा जवाब
रामकोला। सीएचसी में तैनात स्टाॅफ नर्स के अपने सरकारी आवास में महिला मरीजों का इलाज करते पकड़े जाने के मामले में एमओआईसी ने नोटिस जारी किया है। उन्होंने इस मामले में जवाब मांगा है। रामकोला सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एसके विश्वकर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार को स्टाॅफ नर्स पुनीता अपने कमरे में महिलाओं को इलाज करते हुए पकड़ी गई थीं। उनके खिलाफ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इसकी कॉपी सीएमओ को भी भेजी जाएगी।