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Kushinagar News: महिला की मौत के मामले में 24 घंटे बाद भी पुलिस नहीं दर्ज कर सकी केस

Thu, 04 Jul 2024 06:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना। मेडिकल कॉलेज से गोरखपुर रेफर की गई महिला को दलालों ने निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया था। रुपये नहीं जमा करने पर अस्पताल संचालक ने महिला को दोबारा मेडिकल कॉलेज भेज दिया। इलाज में लापरवाही के कारण महिला की मौत हो गई। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। तहरीर देने के 24 घंटे बाद भी पुलिस ने निजी अस्पताल के संचालक और दलालों के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया है। सूत्रों की मानें तो पुलिस सीएमओ से इस मामले में सुझाव लेने का प्रयास कर रही है।
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शहर के जटहां रोड स्थित मोदनसेन नगर निवासी रामकिशोर ने 29 जून की देर रात में सांस की बीमारी से पीड़ित पत्नी गीता देवी को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। पीड़ित के अनुसार, डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर बताते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। रेफर कागज बनने तक उनके फोन पर सरकारी एंबुलेंस भी आ गई। तभी वहां खड़े एक युवक ने अपना पूरा परिचय देते हुए स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाने की बात कही।
पीड़ित ने बताया कि उस युवक को पैसा न होने और आयुष्मान कार्ड पर ही उपचार कराने की बात कही। इस पर युवक और उसके साथ के कुछ अन्य लोगों ने अपने निजी वाहन से पडरौना छावनी के निजी अस्पताल में उनकी पत्नी को भर्ती करवा दिया। फिर कुछ देर बाद से ही पैसा जमा करवाने के लिए दबाव बनाना शुरु कर दिया गया। पीड़ित रामकिशोर ने पुलिस को दिए तहरीर में बताया है कि कुछ लोगों से पैसा मांगकर लगभग 11 हजार रुपया वहां जमा भी करवाया, लेकिन वे लोग पहली जुलाई की शाम 28 हजार जमा कराने के लिए दबाव बनाने लगे।
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असमर्थता जताने पर उसी दिन रात में पत्नी को अपने निजी वाहन से उन लोगों ने मेडिकल कॉलेज भेजवा दिया, जहां लगातार बिगड़ती हालत के कारण दो जुलाई की सुबह उनकी मौत हो गई। पीड़ित के तहरीर दिए जाने के बावजूद पुलिस 24 घंटे बाद भी मामले में केस नहीं दर्ज कर सकी है। एसओ रविंद्रनगर विनय कुमार मिश्र ने बताया कि मामले की जानकारी है। सीएमओ और मेडिकल कॉलेज से जानकारी ली गयी है। पता चला है कि सांस रोग के कारण उनकी मौत हो गयी थी। उन लोगों ने बिना पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार कर दिया है। एसीएमओ डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। पुलिस को अगर पीड़ित ने तहरीर दी है तो फिर केस दर्ज करना चाहिए।
वर्जन
निजी अस्पताल की शिकायत मिली है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एक टीम गठित कर दी गई है। टीम बृहस्पतिवार को अस्पताल की जांच करेगी और इसकी रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट के आधार पर निजी अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एक लाइसेंस पर तीन अस्पताल का संचालन किया जा रहा है तो इसकी भी जांच कराई जाएगी।-डॉ. सुरेश पटारिया, सीएमओ
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एक ही संचालक के नाम तीन अस्पताल

छावनी के जिस निजी अस्पताल की लापरवाही सामने आई है, उस अस्पताल के संचालक एक नहीं बल्कि तीन जगहों पर अस्पतालों का संचालन कर रहे हैं। तमकुहीराज, दुदही और पडरौना में संचालित अस्पतालों को लेकर इस बात की चर्चा है कि आखिर एक ही लाइसेंस पर तो कहीं तीनों अस्पताल संचालित तो नहीं हो रहे? सूत्र तो यह भी बता रहे हैं कि इस अस्पताल के पास कोई प्रमाणित कागजात भी नहीं है।

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सत्ताधारी दल से जुड़े युवक का नाम शामिल
पीड़ित की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में जिस युवक का नाम है, वह युवक सत्ताधारी दल से जुड़ा है। बताया जाता है कि छात्र राजनीति से निकलने के बाद युवक ने सत्ताधारी दल की सदस्यता ली थी। सदस्यता लेने से पूर्व युवक ने शहर में जुलूस भी निकाला था। राजनीतिक गलियारों में भी इस बात की चर्चा है कि कहीं युवक अपने कारनामों को अंजाम तक पहुंचाने के लिए तो सत्ताधारी दल की सदस्यता नहीं ली। पार्टी से जुड़े एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जब इस बात की जानकारी वरिष्ठ नेताओं को हुई तो वह भी अवाक रह गए। पार्टी सूत्रों की मानें तो युवक की सदस्यता खत्म करने पर भी पार्टी विचार कर रही है।
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