मूर्ति आयोजक विमलेश कुशवाहा, कमलेश कुशवाहा, राकेश, झम्मन, उमेश आदि पहुंचे तो दरोगा बोले कि गुफा के अंदर श्रद्धालुओं का जाना ठीक नहीं है। कभी भी कोई हादसा हो सकता है। क्योंकि इसकी ऊंचाई अधिक है। ऐसे में गुफा के अंदर किसी का जाना उचित नहीं है। इसको लेकर पुलिस और मूर्ति आयोजकों के बीच कहासुनी होने लगी।
इसकी जानकारी होने पर अन्य मूर्ति आयोजक भी पहुंच गए। नाराज लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। इसके बाद इंस्पेक्टर गिरिजेश उपाध्याय पहुंचे और मूर्ति आयोजकों से वार्ता की।
मूर्ति आयोजकों का कहना है कि इतनी बड़ी गुफा एक माह से बन रहा था। लेकिन किसी ने मना नहीं किया। शांति कमेटी की बैठक में भी इसकी जानकारी दी गई थी। दस सालों से यहां पर देवी मां की गुफा बन रही है। ऐन वक्त पर पुलिस और प्रशासन को देवी दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को गुफा के अंदर जाकर दर्शन करने से रोकना गलत है।
इंस्पेक्टर और आयोजकों में इसको लेकर एक घंटे तक बहस हुई। देवी दर्शन को पहुंचे श्रद्धालुओं को वापस लौटना पड़ा। मूर्ति आयोजकों ने चेतावनी दिया कि अगर गुफा में दर्शन से रोक नहीं हटा तो मूर्ति विसर्जन नहीं होगा। गुफा वाले पंडाल के पास पुलिस तैनात कर दिया गया है।
इंस्पेक्टर गिरिजेश उपाध्याय ने बताया कि गुफा काफी ऊंचाई पर बनाया गया है। किसी भी इंजीनियर से इसमें सुझाव नहीं लिया गया है। इस लिए हादसे का खतरा है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर गुफा के अंदर श्रद्धालुओं के दर्शन पर रोक लगाया गया है। मूर्ति आयोजक बेवजह हंगामा कर रहे हैं। आगे जैसा निर्देश अधिकारियों का होगा वैसा किया जाएगा।