खड्डा। गंडक नदी के भैसहां घाट पर पीपा पुल लगाने में हो रहे विलंबबो से खड्डा व निचलौल तहसील क्षेत्र तथा आस-पास की लगभग एक लाख आबादी को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें जान जोखिम में डालकर नाव से यात्रा करनी पड़ रही है। लोगो को अवैध रूप से संचालित नाव का किराया चुकाकर या बिहार के रास्ते नौ की जगह 40 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। इस वर्ष नदी के दो धाराओं में बंटने से दिक्कत हो रही है।वर्ष 2019 के मार्च महीने में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भैसहां घाट पर पीपा पुल का लोकार्पण करते हुए क्षेत्र को बड़ी सौगात दी थी। पीपा पुल से नदी के बायीं तरफ बसे खड्डा विकास खंड के ग्राम मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर, बकुलादह, बालगोविंद छपरा आदि एवं महराजगंज जनपद के निचलौल तहसील क्षेत्र के सोहगीबरवा, शिकारपुर, नौका टोला, मटियरवा, मूजा टोला आदि गांव एवं नदी के दायीं तरफ भैसहां, कोटवा टोला, हनुमानगंज, पकड़ी बृजलाल, भेड़िहारी नंबर एक, सिसई दधीचि, सिसवा गोपाल, मदनपुर सुकरौली, गैनही जंगल, बुढ़वा जंगल आदि की लगभग एक लाख आबादी को सहूलियत होती है। बायीं तरफ बसे लोगों को खड्डा बाजार करने, तहसील, अस्पताल, व्लाॅक, बैंक आदि के लिए आने जाने में समय व पैसे दोनों की बचत होती है। 15 अक्तूबर को बाढ़ का सीजन समाप्त होने के बाद लोग उम्मीद कर रहे थे कि 15 नवंबर तक पीपा पुल लग जाएगा, लेकिन 7 दिसंबर तक लग नहीं पाया है।
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अवैध तरीके से चलाई जा रही है नाव, लोगों की जिंदगी दांव पर
पीपा पुल संचालित नहीं होने से बिना किसी वैध सरकारी आदेश के अवैध तरीके से नाव चलाकर लोगों से वसूली का कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। इन नावों पर क्षमता से अधिक लोग बैठते हैं तथा सुरक्षा का कोई बंदोबस्त नहीं होने से कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। पूर्व में इस नदी में नाव पलटने से जान माल का नुकसान हो चुका है। प्रशासन की ओर से आंख बंद करना किसी दिन बड़े हादसे को अंजाम दे सकता है।
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वर्जन-
पीपा पुल लगाने के लिए कार्यदायी संस्था लोकनिर्माण विभाग के अवर अभियंता जेसी शर्मा ने बताया कि नदी के उतार चढ़ाव व दो धारा के चलते स्थान चयन में विलंब हो रहा है। उपयुक्त स्थान के चयन की प्रक्रिया शुरू की गई है। सभी तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही पुल लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।