- शनिवार को रामकोला थाना क्षेत्र के फुलवरिया मगरीब में की थी पत्नी और बेटी की नृशंस हत्या
- हत्या के बाद महराजगंज और नेपाल की सीमा में छकाता रहा झोलाछाप हत्यारोपी
- पुलिस ने मंगलवार को रामकोला थाना क्षेत्र के सोहरौना के पास दिखाई गिरफ्तारी
- बेटी के घर से भागने और घर में भोजन और सम्मान न मिलने से आहत था इंद्रजीत अली
कुशीनगर। अपनी पत्नी और बेटी की सब्बल से वार कर नृशंंस हत्या करने के बाद भागने वाले झोलाछाप को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वह तीन दिन तक पुलिस को महराजगंज जनपद और नेपाल क्षेत्र में छकाता रहा। पुलिस ने उसे मंगलवार को रामकोला थाना क्षेत्र के साहबगंज से गिरफ्तार करना बताया है। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि बेटी के घर से भागने की वजह से अपमान का घूंट पीना पड़ रहा था। इसके अलावा घर में आने न तो सम्मान मिलता था और न ही भोजन। नाती को लेकर झगड़ा हुआ तो यह बातें दिमाग में काैंधने लगीं, जिससे गुस्से में आकर पत्नी और बेटी की हत्या कर दी। उसकी गिरफ्तारी के बाद से गांव के लोग भी राहत की सांस ले रहे हैं। उनका कहना है कि उसकी करनी का सही फल भी मिलना चाहिए।
रामकोला थाना क्षेत्र के फुलवरिया मगरीब गांव के फुलवरिया मशरीफ टोला में झोलाछाप इंद्रजीत अली ने शनिवार को सुबह अपनी पत्नी जाफीरून नेशा और बेटी रूबीना की सब्बल से प्रहार कर नृशंस हत्या कर दी थी। उसके बाद घर पर रह रहे अपने बड़ी बेटी के सात वर्षीय पुत्र समीर को लेकर भाग गया था, जिसे बाद में उसने गांव के बाहर छोड़ दिया था। पुलिस ने पूछताछ के बाद उस बच्चे को उसके मामा को सुपुर्द कर दिया था। पत्नी और बेटी का अंतिम संस्कार महराजगंज जिले में हत्यारोपी की ससुराल में हुआ था। चूंकि पुलिस की जांच-पड़ताल में पता चला था कि वह महराजगंज जनपद और नेपाल क्षेत्र में उसका आना-जाना था। वह झोलाछाप के साथ-साथ झाड़फूंक का काम भी करता था। इंद्रजीत अली की बेटी रुबीना एक साल पहले घर छोड़कर चली गई थी। काफी खोजबीन के बाद वह मिली। उसका पिता उसे लेकर घर आया था। इधर करीब डेढ़ माह पहले भी रुबीना घर छोड़कर चली गई थी। पुन: उसे ढूंढकर लाया गया था। इस वजह से अपमान महसूस कर रहा था। इससे इंद्रजीत पत्नी और बेटी से खफा भी रहता था। परिवार के सदस्यों से ठीक से बात नहीं होती थी। कभी-कभार रात में आता था तो सुबह होते ही चला जाता था। घर पर खाना भी नहीं खाता था। समीर को अपने घर रखकर पढ़ाता था, इसलिए उसके साथ पूरी हमदर्दी थी।
घटना के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में लग गई थी। पुलिस टीमें महराजगंज जनपद और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में उसका पता लगा रही थी। संभावित ठिकानों पर दबिश भी दे रही थी। आखिरकार पुलिस को सफलता मिल ही गई। पुलिस सूत्रों की मानें तो उसे नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है, जबकि अधिकारिक रूप से पुलिस उसे मंगलवार को रामकोला थाना क्षेत्र के साहबगंज से गिरफ्तार करना बता रही है।
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पुलिस ने घोषित किया था 25 हजार का इनाम
एसपी की तरफ से इस हत्यारोपी की गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इसकी जानकारी पुलिस प्रशासन ने मंगलवार को दी। पुलिस ने उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया।
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अपमान और उपेक्षा की वजह से उठाना पड़ा यह कदम : इंद्रजीत
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार किए जाने के बाद इंद्रजीत अली ने पुलिस को बकाया कि उसकी बेटी पूर्व में घर छोड़कर भाग गई थी। इस वजह से वह खुद को बड़ा अपमानित महसूस कर रहा था। इतना ही नहीं बेटी उसे पति का सम्मान भी नहीं देती थी। घर आने पर पत्नी भोजन नहीं देती थी और न ही सीधे मुंह बात करती थी। इसे लेकर घर में कलह बनी रहती थी। गाली-गलौज तक हो जाती थी। इस वजह से वह घर से बेहतर बाहर रहना महसूस करता था। घटना के दिन नाती समीर खेलकर आया तो पत्नी और बेटी उस पर गुस्सा हो गईं। वह समीर को अपने साथ रखकर पढ़ाता था। उसे डांटना अच्छा नहीं लगाया। डांटा तो वे झगड़ा पर उतारू हो गईं। इस वजह से गुस्से में सब्बल उठाकर उन पर हमला कर दिया। उनकी मौत हो जाने पर हड़बड़ी में कपड़े बदला और नाती को लेकर भाग गया। कुछ लोगों से समीर को उनके पास रखने को कहा, लेकिन वे तैयार नहीं हुए तो नन्हे बच्चे को लेकर कहां-कहां जाता, इसलिए गांव से बाहर छोड़ गया। भागने की बहुत कोशिश की, लेकिन पुलिस ने नेपाल क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
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वर्जन
हत्यारोपी इंद्रजीत अली को गिरफ्तार करने के लिए महराजगंज जनपद और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों सहित कई जगह दबिश दी गई। काफी खोजबीन के बाद वह मंगलवार को रामकोला थाना क्षेत्र के साहबगंज के पास गिरफ्तार किया गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। हत्यारोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया है। पूछताछ में उसने हत्या की मुख्य वजह पारिवारिक कलह बताई है। उसने बताया कि पत्नी का उससे हमेशा झगड़ा होता रहता था। इसलिए घटना के दिन झगड़े के दौरान ही आवेश में आकर उसने दोनों की हत्या कर दी।
धवल जायसवाल, पुलिस अधीक्षक