पेट्रोल पंपों पर ग्राहक सुविधा नदारद, प्रशासन भी बेपरवाह
हवा भरने के लिए कोई कर्मचारी नहीं है, बगल में दस रुपये देकर भरवा लीजिए
पंप कर्मी लोगों को टका सा देते हैं जवाब
जिले में 144 पेट्रोल पंप, अधिकतर पेट्रोल पंपों पर नहीं मिल रही जरूरी सुविधाएं
जांच के नाम पर विभाग करता है खानापूर्ति, शौचालयों में लटका रहता है ताला, खराब पड़ी हैं हवा भरने वाली मशीनें
विष्णुदत्त पांडेय
पडरौना। पेट्रोल पंप संचालकों की मनमानी उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ रही है। जो सुविधा यहां निशुल्क मिलनी चाहिए, उसके लिए लोगों को रुपये खर्च कर अन्य जगह सुविधा का लाभ लेना पड़ रहा है। कहीं शौचालयों में ताला लगा है तो कहीं हवा भरने की मशीनें खराब पड़ी हैं। यहां सुरक्षा के इंतजाम भी नदारद हैं।
ग्राहकों की सुविधा के लिए तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंप संचालकों को अनिवार्य रूप से अग्निशमन यंत्र, हवा, पानी और शौचालय की सुविधा देने का निर्देश दिया है। ये सुविधाएं नहीं मिलने पर उपभोक्ता शिकायत पुस्तिका में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इन शिकायतों के आधार पर अधिकारी पेट्रोल पंपों का जायजा लेते हैं। जरूरी सुविधाएं नहीं होने पर पेट्रोलपंप मालिकों का लाइसेंस रद्द करने तक का प्रावधान है। बुधवार को अमर उजाला ने शहर के कई पेट्रोल पंपों का जायजा लिया तो ज्यादातर जगह सुविधाएं नदारद रहीं।
हाटा-देवरिया मार्ग पर स्थित पेट्रोल पंप पर ग्राहकों के लिए प्रसाधन की कोई सुविधा नहीं हैं। पेट्रोल लेने आने वाले ग्राहकों के वाहनों में हवा नहीं भरी जाती। शिकायत रजिस्टर पूछने पर कर्मचारी इससे अनभिज्ञ दिखे। पेयजल के लिए लगी आरओ वाटर मशीन खराब पड़ी थी। शिकायत के लिए संबंधित अधिकारी का मोबाइल नंबर भी अंकित नहीं था।
हाटा से कुशीनगर मार्ग पर दो किलोमीटर आगे स्थित पेट्रोल पंप पर हवा भरने वाली मशीन सिर्फ दिखाने के लिए लगी थी। हवा भरने की बात पर एक कर्मचारी ने कहा कि हवा नहीं मिलेगी। मशीन खराब है।
इसी तरह पडरौना से खड्डा मार्ग पर भटवलिया स्थित पेट्रोल पंप पर पानी पीने के स्थान पर गंदगी फैली थी। संबंधित अधिकारियों का नंबर अंकित नहीं था। बाइक में हवा भरने की बात कहने पर पेट्रोल पंप कर्मचारी ने बताया कि बगल में दस रुपये देकर भरवा लीजिए। मशीन खराब है। इस पर पेट्रोल पंप के मालिक महादेव गुप्ता ने बताया कि अभी काम चल रहा है। अधिकारियों का नाम अंकित करा दिया जाएगा।
अनिवार्य हैं ये सुविधाएं
वाहनों के लिए निशुल्क हवा की सुविधा, मेडिकल सुविधा के लिए फस्ट एड बॉक्स, महिलाओं-पुरुषों के लिए अलग-अलग टॉयलेट, अग्निशमन उपकरण, बालू भरी बाल्टियां, पेयजल के लिए वाटर कूलर, बोर्ड पर तेल कंपनी के अधिकारी का नाम और फोन नंबर होना अनिवार्य है।
35,000 लीटर पेट्रोल की होती है ब्रिकी
जिले में 144 पेट्रोल पंप संचालित होते हैं। इसमें से एक पेट्रोल पंप पर तकरीबन 30,000 से 35,000 हजार लीटर पेट्रोल की ब्रिकी होती है। वहीं डीजल की तकरीबन 10 से 15 हजार लीटर की ब्रिकी होती है। इतनी बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल की खपत होने के बावजूद ग्राहकों के लिए पंपों पर कोई सुविधा नहीं है।
परिचर्चा-
जिले के अधिकतर पेट्रोल पंपों पर वाहनों में हवा नहीं भरी जाती है। हवा भरने की बात पर कर्मचारी कहते हैं कि मशीन खराब है।
श्याम कुमार मद्धेशिया
000000
पेट्रोल पंप पर पानी पीने की जगह गंदगी फैली रहती है। गर्मी के मौसम में गर्म पानी रहता है। पीने की इच्छा नहीं होती है।
संजय जायसवाल
000000
शौचालय में ताला लगा रहता है। अधिकतर जगह तो नाम के लिए शौचालय है। उसका सेफ्टी टैंक नहीं बन पाया है। मानक विहीन पेट्रोल पंप जिले में संचालित हो रहे हैं। वहीं विभाग मौन है।
विनीत पाठक
000000
ज्यादातर पंप के कर्मचारियों को शिकायत पुस्तिका के बारे में जानकारी ही नहीं है। शिकायत करने के लिए संबंधित अधिकारी का मोबाइल नंबर अंकित रहना चाहिए। इतनी लापरवाही होने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है।
शशांक सिंह
वर्जन
ग्राहक वाहन से पेट्रोल पंप भरवाने जाते हैं तो केवल पेट्रोल या डीजल ही न लें, बल्कि पंप संचालक से अन्य सुविधाओं की भी मांग करें। असुविधा होने पर शिकायत पुस्तिका या पेट्रोलियम कंपनी के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जिले में जिस पेट्रोल पंप पर सुविधाएं नहीं हैं, वहां जांच की जाएगी।
दिलीप कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी
00000
डीलरशिप देने वाले को मानक देखकर ही देना चाहिए। जिले में जिस पेट्रोल पंप पर मानक के अनुसार सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उसकी जांच कराकर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट संबंधित अधिकारी को भेजी जाएगी।
एस. राजलिंगम, डीएम