जौरा बाजार। अमवा श्रीदुबे में मंगलवार को श्रीराम कथा सुनाते हुए अतुल कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि जब-जब धरती पर अधर्म का बोलबाला होता है, तब भगवान का किसी न किसी रूप में अवतार होता है। इससे असुरों का नाश होता है और अधर्म पर धर्म की विजय होती है। भगवान को प्राप्त करने का मार्ग मात्र सच्चे मन की भक्ति ही है। भगवान सर्वत्र हैं. प्रेम से पुकारने व सच्चे मन से सुमिरन करने पर कहीं भी प्रकट हो सकते हैं। भगवान सदैव भक्त के प्रेम के वशीभूत रहते हैं. भक्तों के भाव पर समुण रूप लेते हैं। भगवान निर्मल एवं स्वच्छ मन वाले को ही प्राप्त होते हैं। भगवान राम के जन्म की व्याख्या के दौरान जैसे ही कथा व्यास ने भजन गाया, जिस पर श्रोता झूम उठे।