मंसाछापर। बॉर्डर पर स्थित बिहार के दहवा गांव में दबिश देने गई यूपी पुलिस को गांववालों के कोपभाजन का शिकार होना पड़ा। सादी वर्दी में गए यूपी पुलिस के जवानों ने पशु तस्कर को हिरासत में ले लिया। इसी दौरान अपहरण की बात कहते हुए आरोपी शोर मचाने लगा। शोर सुनकर गांव के लोग जुट गए और पुलिसकर्मियों से भिड़ गए। इस दौरान पुलिस व लोगों के बीच हाथापाई भी हुई। मौके पर लोगों की बढ़ती भीड़ को देख पुलिस को वहां से बैरंग वापस होना पड़ा। मामला रविवार की देर शाम करीब साढ़े सात बजे का है। इसको लेकर सीमावर्ती इलाकों में लोग कई तरह की चर्चा कर रहे हैं।
यूपी पुलिस के चार कर्मी सादे वर्दी बिहार प्रांत के दहवा में देर शाम करीब साढ़े सात बजे पहुंचे। वहां पहुंचने के बाद आरोपी को पुलिसकर्मियों ने धरदबोचा। जब पुलिस के जवान उसे अपनी गाड़ी में बैठा रहे थे तो वह अपहरण करने की बात कहते हुए शोर मचाने लगा। यह सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। पुलिसकर्मियों ने लोगों से बातचीत की और आरोपी को साथ ले जाने देने की बात कही। लेकिन, मौके पर रहे कुछ गांव के लोग आरोपी की बात को सच मानकर पुलिसकर्मियों से उलझ गए। मामला इतना बिगड़ गया कि मौके पर बड़ी संख्या में पुरुष व महिलाएं एकत्र हो गईं, जिसके बाद पुलिसकर्मियों से हाथापाई की नौबत आ गई। दोनों तरफ से हुई हाथापाई के बाद पुलिस को बैकफुट पर आना पड़ा और तस्कर को छोड़ वहां से बैरंग वापस लौटना पड़ा। सूत्रों की मानें तो पशु तस्करी में शामिल एक युवक को स्वॉट टीम गिरफ्तार करने गई थी, जहां गांववालों के कोपभाजन का उन्हें शिकार होना पड़ा। इसको लेकर सीमावर्ती इलाकों में लोग कई तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। इस मामले में विभागीय जिम्मेदार कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं। स्वॉट टीम के एक जिम्मेदार ने ऐसी किसी घटना से इन्कार किया है।