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Kushinagar News: सुबह से ही रहे धूप के तेवर तीखे, लोग तपे कुंदन सरीखे

Mon, 05 Jun 2023 12:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना नगर के रामकोला रोड पर धूप की वजह से गमछा लगाकर जाते युवा।संवाद
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42 डिग्री पर मंडरा रहा अधिकतम तापमान, छाता, गमछा, टोपी और पानी बना जनजीवन का सहारा,
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आने वाले एक सप्ताह तक मौसम का अधिकतम तापमान 42 से 44 और न्यूनतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान
फोटो है।

संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। गर्मी का सितम दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। सुबह से सूरज के तेवर तीखे हो जा रहे हैं। इससे लोगों के शरीर झुलस रहे हैं। रविवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया है। मौसम का बढ़ता तापमान लोगों को कुंदन की तरह तपा रहा है। तपिश की वजह से बहुत जरूरी होने पर ही लोग घर से बाहर निकल रहे हैं। जो निकल रहे हैं वे धूप से बचने के लिए छाता, गमछा, टोपी और हेलमेट का सहारा लेते दिख रहे हैं।
रविवार को जिले का अधिकतम तापमान 42 और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप ने सुबह से ही तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे। दोपहर में गर्म हवा ने गर्मी को और बढ़ा दिया। शाम पांच बजे तक तेज धूप रही।मौसम विभाग के अनुसार अगले करीब दस दिनों तक मौसम का पारा चढ़ा रहेगा। इन दिनों में अधिकतम तापमान 42 से 44 और न्यूनतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
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बीते मई के प्रथम सप्ताह से ही पारा चढ़ने लगा था। हालांकि, दूसरे सप्ताह में दो-तीन दिन बारिश हुई तो लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन तीसरे सप्ताह से पुन: तपिश बढ़ने लगी। तेज धूप के साथ गर्म हवाएं चलने से लोग परेशान नजर आ रहे हैं। रात में भी लोग चैन की नींद नहीं सो पा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के साथ पशुओं को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
रविवार को सुबह से ही तेज धूप निकली। दोपहर 12 बजे तक सूरज की तेज किरणें लोगों के शरीर को जलाने लगीं। इससे राहगीरों का सड़क पर चलना मुश्किल हो गया। तेज धूप से बचने के लिए लोग चेहरे व और शरीर को ढककर घर से बाहर निकले, फिर भी तेज धूप से कोई खास राहत नहीं मिल पा रही थी।
गर्मी में बिजली की कटौती भी आग में घी का काम कर रही है। इससे घर में रहने वाली महिलाओं, बच्चे और बुजुुर्गों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कुछ देर के लिए भी लाइट कटने पर लोग परेशान हो जा रहे हैं।
दोपहर में सुभाष चौक, धर्मशाला रोड, रामकोला रोड, स्टेशन रोड, मेन बाजार, तिलक चौक, दरबार रोड समेत शहर की अन्य सभी सड़कें और प्रमुख बाजार में गर्मी से हर कोई परेशान दिखा। गर्मी अधिक होने के कारण लोग पानी के पाउच के साथ शीतल पेय पदार्थ का सहारा लेते नजर आए।
सुभाष चौक पर यातायात व्यवस्था में तैनात होमगार्ड एक दुकान पर गन्ना का जूस पीते नजर आए। बच्चों को लेकर घर से निकलीं महिलाएं छाता लगाए नजर आईं। जिनके पास छाता नहीं था, वे अपने पल्लू से बच्चों को ढकी थीं। बाइक सवार लोग और महिलाएं धूप से बचाव के लिए कपड़े या साड़ी के पल्लू से मुंह को बांधे दिखीं।

तापमान अधिक होने से पिछड़ेगी धान की नर्सरी
पडरौना। तापमान अधिक होने के चलते जिले में इस बार धान की नर्सरी की बुआई पिछड़ सकती है। बीते एक पखवारे से किसान तापमान अधिक होने से धान की नर्सरी नहीं डाल पा रहे हैं। इससे धान की रोपाई में भी देर होगी। इसे लेकर किसान चिंतित हैं। विशेषज्ञ भी फिलहाल तापमान कम होने तक इंतजार करने की बात कह रहे हैं। जिले में करीब एक लाख 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में किसान धान की बुआई करते हैं। जिले में 15 मई से धान की नर्सरी की बुआई शुरू हो जाती है। लेकिन इस बार एक पखवारा बीतने के बाद भी धान की नर्सरी नहीं डाली जा सकी है। दरअसल, वर्तमान में औसत तापमान 52 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है।
धान की नर्सरी की बुआई के लिए यह तापमान अधिक है। वहीं, बारिश न होने और तेज धूप के कारण भी नर्सरी डालने में समस्या है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. बीआर मौर्या ने बताया कि अगर तेज धूप के दौरान नर्सरी की बुआई की जाए तो दाना खराब हो जाता है और अंकुरण प्रभावित होता है। इसके चलते किसान परेशान हैं। देरी से धान की रोपाई पर उत्पादन प्रभावित होने की आशंका रहेगी। अब बस बारिश का ही इंतजार है। उन्होंने बताया कि धान की फसल के लिए न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। इसी तापमान के बीच धान की नर्सरी का अंकुरण बेहतर होने के साथ ही प्रगति भी बेहतर होती है।
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डेढ़ गुना बढ़ी है बिजली खपत
सामान्य दिनों में पडरौना शहर में बिजली की खपत 3100 मेगावाट थी, लेकिन गर्मी बढ़ने से लोग एसी, कूलर और पंखे का उपयोग अधिक कर रहे हैं। इससे बिजली की खपत बढ़कर 4413 मेगावाट हो गई है। इसके अलावा बिजली का भार बढ़ने से जर्जर पड़े तार टूट रहे हैं, जिससे लोगों को फाॅल्ट की समस्या झेलनी पड़ रही है। पडरौना विद्युत उपकेंद्र के जेई सर्वेश दूबे ने बताया कि रविवार को दोपहर बाद लोड बढ़ने से आवास विकास काॅलोनी में एबीसी केबल क्षतिग्रस्त हो गया। इसको लाइनमैन की टीम को भेजकर बदलवा गया है। उन्होंने बताया कि लोगों की तरफ से बिजली के संबंध में शिकायत मिलते ही उसके तुरंत निस्तारण के लिए निगम की तरफ से प्रयास किया जा रहा है।

आने वाले दिनों में अभी और बढ़ेगी सूरज की गर्मी
मौसम विभाग की मानें तो लोगों को आने वाले करीब दस दिनों तक गर्मी से राहत मिलने वाली नहीं है। सूरज की गर्मी अभी और बढ़ेगी। आने वाले दस दिनों में मौसम का अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

दिन .............................. अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान
रविवार ....................... 42 डिग्री सेल्सियस 27 डिग्री सेल्सियस
सोमवार ...................... 42 डिग्री सेल्सियस 28 डिग्री सेल्सियस
मंगलवार ...................... 42 डिग्री सेल्सियस 28 डिग्री सेल्सियस
बुधवार ......................... 43 डिग्री सेल्सियस 27 डिग्री सेल्सियस
बृहस्पतिवार .................. 43 डिग्री सेल्सियस ..... .27 डिग्री सेल्सियस
शुक्रवार .......................... 43 डिग्री सेल्सियस 28 डिग्री सेल्सियस
शनिवार ........................... 44 डिग्री सेल्सियस 29 डिग्री सेल्सियस

गर्मी में यह बरतें सावधानी
घर से बाहर पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर ही निकलें।
सफेद व हल्के रंग के पकड़े पहनें, आंखों पर चश्मा लगाएं।
प्यास बुझाने के लिए घड़े के पानी का नीबू डाल कर पीएं।
बासी भोजन करने से बचें।
धूप से आने के बाद ठंडा पानी न पीएं।
बुखार आने पर चिकित्सक की सलाह लें।

धूप से बचाव के लिए बच्चों पर रखें विशेष ध्यान
गर्मी और सर्दी के मौसम का कुप्रभाव सबसे अधिक बच्चों पर पड़ता है। तेज धूप होने से बच्चों में उल्टी, दस्त, बुखार आदि बीमारियां होने की आंशका अधिक रहती है। ऐसे में धूप से आने के बाद तत्काल बच्चों को पानी पीने के लिए न दें। उन्हें हल्के रंग का कपड़ा पहनाएं। किसी भी तरह की परेशानी होने पर डॉक्टर को दिखाएं।
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-डॉ. कमलेश वर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ

धूप से आने पर ठंडा पानी पीने से हो सकता है नुकसान
काफी देर तक धूप में रहने से लू लग सकती है। बाहर से आने के बाद कई लोग तुरंत स्नान कर लेते हैं। इससे जबड़े और गले में अकड़न आ जाती है। इससे बचाव के लिए लोगों को धूप से आने के बाद कुछ देर बाद स्नान करें। अधिक ठंडा पानी पीने से रक्त नसें अधिक सक्रिय हो जाती है। इससे ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है। इसके अलावा ठंडा पानी या कोल्डड्रिंक पीने से बचें।
- डॉ. अशीषधर दूबे, फिजिशियन।
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