कसया। नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कुत्तों का डर लोगों को हमेशा सता रहा है कि कब किसे काट लें। आए दिन लोग उनके शिकार हो रहे हैं। कुत्तों का झुंड अधिकतर बच्चों पर ही हमला कर रहा है। हर गली में कुत्तों का झुंड घूमता हुआ नजर आ जा रहा है, लेकिन इन्हें पकड़ने का कोई इंतजाम नहीं किया जा रहा है। इन कुत्तों के काटने से जख्मी लोग इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं।
दिन में भीड़भाड़ में तो ये शांत रहते हैं, लेकिन जैसे-जैसे रात होने लगती है। इनकी आक्रामकता बढ़ जाती है। इनके हमले में सबसे ज्यादा बाइक सवार, साइकिल सवार और पैदल चलने वाले लोग घायल होते हैं। इनसे बचने के लिए बाइकसवार अपनी गाड़ी की स्पीड तेज कर लेता है और अपना संतुलन खोकर गिर जाता है, जिससे उसे काफी चोटें भी आती हैं। अकेले बच्चों पर ज्यादा दौड़ते हैं। सूखा टोला की दस वर्ष की आयुषि, कसया नगर की 24 वर्षीय अंजली, पिपरहिया की आठ वर्ष की हुमेरा, कसया नगर के 19 वर्षीय उदय, हेतिमपुर निवासी 15 वर्षीय विवेक, कसया नगर की 45 वर्षीय सत्यवती, कसया के 50 वर्षीय रमेश सहित कई लोगों को कुत्ते काटकर जख्मी कर चुके हैं। प्रतिदिन दस से पंद्रह लोग कुत्तों के काटने के कारण इलाज कराने कसया सीएचसी में आ रहे हैं।
इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉ. मारकंडेय चतुर्वेदी ने बताया कि सीएचसी में जून से अब तक 1354 एंटी रैविज वैक्सीन लग चुकी है। कुत्तों के काटने से जख्मी मरीज अधिक आ रहे हैं।