तमकुहीरोड स्टेशन पर पाटलीपुत्र ट्रेन में चढ़ते यात्री। संवाद
तमकुहीरोड। कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग पर मेगा ब्लाॅक के बाद इस रूट की सभी छह ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है। सोमवार को छपरा-आनंदविहार टर्मिनल व छपरा-अमृतसर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का भी संचालन सुचारु हो गया है, लेकिन गोरखपुर से संचालित पाटलीपुत्र मेल ट्रेन करीब आठ घंटे विलंब से चली। इससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। कप्तानगंज-थावे रूट पर बिहार की राजधानी पटना की यात्रा के लिए काफी मुफ़ीद मानी जाने वाली गोरखपुर-पाटलिपुत्र मेल पैसेंजर के तमकुहीरोड पहुंचने का समय सुबह 05:36 बजे है, लेकिन आए दिन इस ट्रेन की लेट लतीफी सीधे बिहार की राजधानी पटना तक की यात्रा करने वालों पर भारी साबित होने लगी है। यह ट्रेन आठ मई को जहां पांच घंटे तो नौ मई को चार घंटे विलंब से चली थी। जबकि 12 मई को यह ट्रेन आठ घंटे विलंब से चल कर तमकुहीरोड स्टेशन पर अपने निर्धारित समय सुबह 5:36 बजे की जगह दिन में 1:45 बजे पहुंची। इस ट्रेन की प्रतिक्षा करने वाले यात्रियों का कहना था कि गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में यात्री शेड, पेयजल, शौचालय आदि बुनियादी सुविधाओं से वंचित स्टेशन पर ट्रेन की प्रतिक्षा करना यात्रियों पर भारी पड़ने लगा है। क्षेत्र के प्रहलाद केशरी, अभिषेक शुक्ल, रामजी कसेरा, राहुल सोनी, लव जायसवाल, लवकुश गुप्ता, दिवाकर दत्त आदि बिहार की राजधानी पटना की सीधी यात्रा के लिए यह काफी मुफीद ट्रेन है। आम लोगों के साथ व्यापारी भी नियमित यात्रा करते है।