बढ़ते-घटते तापमान से बिगड़ रही बच्चों की सेहत, वार्ड हो गया फुल
जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में 28 मरीज भर्ती, गले में संक्रमण, बुखार, निमोनिया, उल्टी-दस्त से हो रहे पीड़ित
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। बढ़ते-घटते तापमान का असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। खानपान और रहन-सहन में थोड़ी सी असावधानी उनकी सेहत बिगाड़ रही है। इससे जिला अस्पताल का 28 बेड का बच्चा वार्ड फुल हो गया है। गले में संक्रमण, बुखार, निमोनिया, उल्टी-दस्त, आंव, लीवर में परेशानी सहित अन्य बीमारियों से ग्रस्त बच्चे भर्ती हैं। बाल रोग विशेषज्ञ का कहना है कि यह मौसम सर्द-गर्म का है। ऐसे में बच्चों के प्रति सावधानी जरूरी है।
जिला अस्पताल में द्वितीय तल पर 28 बेड का बच्च वार्ड है। इसमें शनिवार को सभी बेड पर बच्चे भर्ती थे। पडरौना के तीन माह के चिरंजीव कुमार पुत्र प्रहलाद चौहान को सांस लेने में परेशानी होने पर भर्ती कराया गया है। कुबेरस्थान के बिट्टू के डेढ़ साल के बेटे अभि को गैस की परेशानी है। मटियरवा निवासी सलमान अंसारी की एक साल की पुत्री लाडली को डायरिया, बढ़वलिया के भग्गू प्रजापति के सात माह के पुत्र विकास पेट में संक्रमण से पीड़ित है।
धरनीपट्टी निवासी नरसिंह के डेढ़ साल के बेटे अरुण को उल्टी-दस्त, फागूपुर के फकीर के एक साल के बेटे शेवान, छरियहवा कुर्मी टोला के बृजमोहन पटेल के एक साल के पुत्र विनय को पेट में संक्रमण होने पर भर्ती कराया गया था। लक्ष्मीपुर के धर्मेंद्र की तीन साल की पुत्री रिंकी को आंव पड़ने की वजह से भर्ती कराया गया है। अब्दुलचक निवासी सोनू यादव के 16 माह के बेटे अभय यादव को पेट में संक्रमण, सिधुआं स्थान के रामप्रवेश के दो साल के बेटे शौर्य को निमोनिया और फरेंदहा के भागीरथी की आठ माह की पुत्री अदिति को सांस की नली में संक्रमण होने पर भर्ती कराया गया है। 28 बेड के वार्ड में इतने ही बच्चे भर्ती हैं।
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बच्चों को बेवजह से घर से बाहर न जाने दें : डॉ. सतीश
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सतीश यादव ने बताया कि दिन में कभी तेज धूप हो रही है तो कभी बादल छा जा रहे हैं। शाम को भी दिन की अपेक्षा मौसम ठंडा रह रहा है। ऐसे में बच्चों का ध्यान रखने की आवश्यकता है। इस मौसम में बच्चों को खांसी, बुखार, सर्दी, जुकाम, उल्टी और दस्त की समस्या हो रही है। इसके अलावा पेट दर्द, आंव व सांस लेने में तकलीफ हो रही है। बच्चों को बाहर घूमने से रोकें। बाहर का खाना खिलाने से परहेज करें। तबीयत खराब होने पर अच्छे डॉक्टर के पास ले जाएं।
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जनरल वार्ड में भी क्षमता से अधिक मरीज
जिला अस्पताल के जनरल वार्ड में भी क्षमता से अधिक मरीज भर्ती हैं। 50 बेड के इस वार्ड में 77 मरीजों को भर्ती करना पड़ा है। उनका इलाज चल रहा था। इसके अलावा पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) में 13 बच्चे भर्ती हैं।
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कोट
जिले भर से मरीज यहां भर्ती किए जाते हैं। इसलिए मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि पूरी जिम्मेदारी से बच्चों का इलाज करें, ताकि उन्हें कोई परेशानी न हो।
डॉ. एसके वर्मा, सीएमएस, जिला अस्पताल