सर्द रात में फर्श पर सोकर यात्री करते हैं ट्रेन का इंतजार
- पडरौना और कप्तानगंज रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के बैठने के लिए नहीं है पर्याप्त इंतजाम
- टिनशेड की कमी से खुले आसमान तले ही यात्रियों की बैठने की है मजबूरी, रैन बसेरा और अलाव की नहीं है व्यवस्था
सुधीर कुमार मिश्र
पडरौना। जिले के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर ठंड की रात में यात्रियों को ट्रेन की प्रतीक्षा करने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। नौ डिग्री सेल्सियस तापमान में कंपा देनी वाली सर्द रात में भी यात्रियों को स्टेशन की फर्श पर सोकर ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है। ठंड से बचाव के लिए रेलवे स्टेशन पर न तो रैन बसेरा है और न ही अलाव जलाने की व्यवस्था है। टीम ने बृहस्पतिवार रात दस बजे पडरौना के अलावा खड्डा और कप्तानगंज रेलवे स्टेशन की पड़ताल की तो यह लापरवाही खुलकर सामने आई।
रात के समय नौ डिग्री सेल्सियस तापमान में यात्री खुले में बेंच और फर्श पर चादर डालकर सो रहे थे। यात्री प्रतीक्षालय का दरवाजा बंद था, जबकि खुले में लगे बेंच पर कोहरे की नमी से वह बैठने लायक नहीं था। यह स्थिति संसाधनों की कमी नहीं, बल्कि अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है। संवाद
सीन- 1
बेंच अथवा फर्श पर लेटकर करते हैं इंतजार
पडरौना प्लेटफार्म नंबर एक पर टिनशेड के नीचे एक बेंच पर कई यात्री बैठे थे। नींद आने पर मीरगंज निवासी अतुल यादव और अभय कुशवाहा उसी बेंच पर कंबल ओढ़कर लेट गए। उन्होंने बताया कि मीरगंज जाने के लिए गोरखपुर-सिवान डेमू ट्रेन की प्रतीक्षा कर रहा था। नींद आने लगी तो लेट गया था।
पचफेड़ा निवासी धर्मेंद्र गोंड़ ने बताया कि लखनऊ जाना है। रात 11 बजे ट्रेन है। स्टेशन पर यात्रियों की अपेक्षा बैठने की व्यवस्था नहीं है। इसलिए फर्श पर ही परिवार के साथ लेटा हूं। यदि यहां रैन बसेरा होता तो उसमें आराम करता।
सीन- 2
यात्री प्रतीक्षालय की दीवार से गिर रहा प्लास्टर
प्लेटफार्म नंबर एक पर बने सामान्य श्रेणी के यात्री प्रतीक्षालय की दीवारें गंदी हैं। जर्जर होने के चलते इससे सीमेंट की पपड़ी गिर रही थी। खिड़कियां खुली होने की वजह से पछुआ हवा आ रही थी। यहां बैठे अभय कुशवाहा और इस्तयाक अंसारी ने बताया कि हवा और कोहरा आ रहा है, लेकिन मजबूरी में बैठना पड़ रहा है।
सीन- 3
प्रतीक्षालय का बंद रहा दरवाजा
पडरौना रेलवे स्टेशन पर प्रथम श्रेणी का प्रतीक्षालय बना है। लेकिन बृहस्पतिवार रात इस प्रतीक्षालय का दरवाजा बंद था। इसके बाद कई महिलाएं और बच्चेे फर्श पर सो रहे थे। स्टेशन पर मौजूद एक कर्मचारी ने बताया कि प्रथम श्रेणी के टिकट पर यात्रा करने वाले लोगों की मांग पर इसे खोला जाता है।
रात की ट्रेन से करीब 35 हजार रुपये प्रतिदिन होती है आय
टिकट काट रहे क्लर्क रवि कुमार ने बताया कि पडरौना रेलवे स्टेशन रात नौ बजे से 11 बजे तक तीन ट्रेनें आती हैं। इसमें रात 9:31 बजे पाटलीपुत्र-गोरखपुर एक्सप्रेस, 9:35 बजे गोरखपुर-सिवान डेमू और रात 11:08 बजे छपरा-लखऊन एक्सप्रेस संचालित होती है। इन ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्रियों से रेलवे को प्रतिदिन 20 हजार से लेकर 35 हजार रुपये तक आय होती है।
कप्तानगंज और खड्डा रेलवे स्टेशनों पर नहीं मिलती सुविधाएं
कप्तानगंज/खड्डा। कप्तानगंज रेलवे स्टेशन जिले का एक मात्र जंक्शन है। यहां बृहस्पतिवार रात 8.30 से 9.30 बजे तक प्रतिदिन करीब 500 रिजर्वेशन और दो हजार सामान्य टिकट की बिक्री होती है। इस रेलवे स्टेशन से रात 8:40 बजे जननायक एक्सप्रेस, 8:50 बजे सप्तक्रांति एक्सप्रेस, 10:25 बजे पाटलिपुत्र एक्सप्रेस आई थी। इसके पहले गोरखपुर-नरकटियागंज सवारी गाड़ी, गोरखपुर-सिवान डेमू ट्रेन चलती है।
यहां पर यात्रियों के लिए कोई सुविधा नहीं है। कुछ यात्री बेंच पर लेटे मिले तो कुछ जहां-तहां किसी तरह से समय गुजार रहे थे। प्लेटफार्म नंबर दो पर शेड नहीं होने से यात्री आसमान के नीचे बैठे नजर आए। प्लेटफार्म पर रोशनी का अभाव था।
रात में जननायक एक्सप्रेस स्टेशन पर पहुंचने वाली थी। तब कुछ यहां की लाइट जली, लेकिन जैसे ही ट्रेन गई, वैसे ही लाइट बुझ गई। जननायक ट्रेन से यात्रा करने आए प्रमोद कुमार, उर्मिला देवी ने बताया कि मोतिहारी जाना है। रेलवे स्टेशन पर अंधेरा होने के नाते बैग और समान चोरी होने की आशंका है। इस संबंध नगर पंचायत के ईओ अंबरीश कुमार सिंह ने कहा कि दो दिन पहले ही चार्ज संभाला है। शीघ्र ही अलाव की व्यवस्था की जाएगी।
रेलवे स्टेशन परिसर में रेलवे की तरफ से अलाव की व्यवस्था नहीं होती है। ठंड को देखते हुए सभी रेलवे स्टेशन अधीक्षकों को सभी प्रतीक्षालयों को खोलने, साफ-सफाई की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। टिनशेड के इंतजाम के लिए अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
अशोक कुमार, जनसंपर्क अधिकारी, एनई रेलवे, वाराणसी मंडल
रेलवे स्टेशन पर अलाव जलाने, रैन बसेरा बनाने के निर्देश दिए गए थे। यदि निर्देश का अनुपालन नहीं हुआ तो, संबंधित अधिकारी को तत्काल इसका इंतजाम कराने के लिए कहा जाएगा। किसी भी स्थिति में लोगों असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
महात्मा सिंह, एसडीएम, पडरौना